
सुखबीर सिंह बादल ने कहा- पंजाब में बीजेपी और अकाली दल का गठबंधन बरकरार।
नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा चुनाव ( Delhi Vidhan Sabha Chunav ) में बीजेपी ( BJP ) इस बार अकाली दल ( Akali Dal ) के साथ मिलकर चुनाव नहीं लड़ रही है। CAA पर सहमित नहीं बनने के बाद शिरोमणि अकाली दल ( Shiromani Akali Dal ) ने चुनाव नहीं लड़ने का फैसला किया है। आलम ये हैं कि दिल्ली में दोनों ही पार्टियों का गठबंधन टूट गया है। हालांकि, पंजाब ( Punjab ) में यह गठबंधन अटूट है। शिरोमणि अकाली दल ( शिअद ) के प्रमुख सुखबीर सिंह बादल ( Sukhbir Singh Badal ) ने मंगलवार को कहा कि पंजाब में भाजपा के साथ उनकी पार्टी का गठबंधन बरकरार है, जो कि 20 साल से है।
मीडिया से बात करते हुए सुखबीर सिंह बादल ने कहा कि मैं पिछले 20 सालों से सुन रहा हूं कि दोनों पार्टियों के बीच गठबंधन टूट रहा है। मगर यह बरकरार है और पिछले 20 सालों से कायम है। उनकी पत्नी हरसिमरत कौर बादल नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार में मंत्री हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में शांति और समृद्धि लाने के लिए शिअद-भाजपा गठबंधन आवश्यक है। बागी अकालियों की निंदा करते हुए उन्होंने कहा कि वे कांग्रेस की 'बी टीम' का हिस्सा थे, जिसका उद्देश्य मूल शिअद को कमजोर करना था, जो एक सदी पहले बनी थी।
गौरतलब है कि पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने पिछले हफ्ते अकालियों को केंद्र में गठबंधन छोड़ने की चुनौती दी थी। क्योंकि, शिअद ने नागरिकता संशोधन अधिनियम ( सीएए ) के मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी ( भाजपा ) के साथ मतभेदों के चलते दिल्ली विधानसभा चुनाव से किनारा कर लिया था। इसलिए मुख्यमंत्री सिंह ने इस कानून के संबंध में शिअद की ईमानदारी साबित करने के लिए उन्हें केंद्र में भगवा पार्टी का साथ छोड़ने की चुनौती पेश की थी। पंजाब के मुख्यमंत्री ने सीएए के मुद्दे पर हरसिमरत कौर बादल को इस्तीफा देने की भी नसीहत दी थी। पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह के बयान पर आज शिअद ने पलटवार किया है।
Published on:
28 Jan 2020 03:34 pm
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