कांग्रेस ने कहा कि पिछले 7 साल में 10 हजार करोड़ रुपए ऐसे लोगों को बांटे गए हैं, जिनके न फोन नंबर हैं और न कोई सही ईमेल एड्रेस। उन्होंने आगे कहा कि PMKVY के तहत ट्रेनिंग पार्टनर्स को एनरॉलमेंट, सर्टिफिकेशन और प्लेसमेंट के समय पैसा दिया जाता रहा है। लेकिन जब केरल की एक कंपनी में ऑडिट किया गया तो पता चला कि वहां लोगों का प्लेसमेंट ही नहीं हुआ है।