
उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव आज अपना 50वां जन्मदिन मना रहे हैं। 1 जुलाई 1973 को मुलायम सिंह यादव के घर जन्मे अखिलेश महज 26 साल की उम्र में संसद पहुंच गए। इसके बाद जब वह 38 साल के हुए तो प्रदेश के सबसे युवा मुख्यमंत्री बने। 43 साल की उम्र में समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष बने अखिलेश यादव आज प्रदेश के सबसे बड़े विपक्ष के नेता होने के साथ ही भाजपा के खिलाफ लगातार हमलावर रहने वाले वाले नेताओं में से एक हैं।
देश से लेकर विदेश तक में की पढ़ाई
पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के बेटे अखिलेश यादव ने अपनी पढ़ाई के लिए यूपी से लेकर ऑस्ट्रेलिया तक का सफर तय किया। उन्होंने अपनी क्लास तीन तक की पढ़ाई सेंट मैरी स्कूल इटावा से की। इसके बाद वह अपनी पढ़ाई के लिए राजस्थान के धौलपुर मिलिट्री स्कूल चले गए। यहां से 12वीं पास करने के बाद उन्होंने मैसूर के एक इंजीनियरिंग कॉलेज से एनवायरमेंटल इंजीनियरिंग में ग्रेजुएशन किया और इसी में पोस्ट ग्रेजुएशन करने के लिए सिडनी चले गए।
सिडनी से आकर डिंपल से शादी
अपनी पढ़ाई के दौरान ही अखिलेश को डिंपल से प्यार हो गया और वह उनसे शादी करने के जिद पर अड़ गए। शुरू में तो मुलायम सिंह यादव इसके लिए तैयार नहीं हुए लेकिन अखिलेश का दादी मूर्ति देवी और उस समय पार्टी के नेता अमर सिंह के समझाने पर शादी के लिए मान गए। मुलायम सिंह का शादी के लिए नहीं मानने के पीछे दो कारण थे, पहला डिंपल यादव न होकर राजपूत थी। दूसरा वह बिहार के मुख्यमंत्री लालू यादव की बेटी मीसा से अखिलेश की शादी कराना चाहते थे।
छुट्टियां मनाने गए पिता का फोन आया और सांसद बने
नवंबर 1999 में अखिलेश और डिंपल की शादी हुई। इसके बाद वह दिसंबर 1999 में पत्नी डिंपल के साथ देहरादून घूमने के लिए गए। यहीं उन्हें मुलायम सिंह यादव का फोन आया कि उन्हें कन्नौज उपचुनाव में सपा से प्रत्याशी बनाया गया है। इसके बाद वह कन्नौज से लगातार 3 बार 2000, 2004 और 2009 में सांसद बने। पहली बार 2000 में जब वह सांसद बने तो उनकी उम्र 26 साल और कुछ महीने थी।
38 की उम्र में बनें UP के सबसे यंग CM
26 साल की उम्र मे सांसद बनने के बाद अखिलेश ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। वह कन्नौज से लगातार 3 बार सांसद बने। इसके बाद आया प्रदेश में 2012 का विधानसभा चुनाव। इस चुनाव में अखिलेश यादव ने एक तरह से पार्टी का नेतृत्व किया और समाजवादी पार्टी को पहली बार प्रदेश में पूर्ण बहुमत 403 विधायकों वाली उत्तर प्रदेश विधानसभा में 224 सीटों के साथ बहुमत मिली। इसके बाद मुलायम सिंह यादव ने अपनी जगह अपने 38 साल के बेटे अखिलेश यादव को CM बना दिया। इस तरह से वह प्रदेश के सबसे युवा मुख्यमंत्री बनने का रिकॉर्ड अखिलेश यादव के नाम हैें।
2017 में संभाली सपा की कमान
5 साल सरकार चलाने के बाद 2017 के विधानसभा चुनाव से पहले टीकट बंटवारे को लेकर सपा में फूट पड़ गई। अखिलेश यादव ने इस दौरान अपने पिता और चाचा को दरकिनार कर पार्टी की कमान अपने हाथ में ले ली। हालांकि अखिलेश यादव के पार्टी प्रमुख बनने के बाद पार्टी लगातार संघर्ष कर रही है। दो विधानसभा चुनाव और दो लोकसभा चुनाव हार चुके अखिलेश यादव प्रदेश के सबसे बड़े विपक्ष के नेता हैं।
इन लोगों ने दी जन्मदिन की बधाई
अखिलेश यादव के जन्मदिन के मौके पर प्रदेश के कई बड़ी हस्तियों ने उन्हें जन्मदिन की बधाई दी हैं। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, पूर्व मुख्यमंत्री मायावती, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने ट्वीट कर उन्हें जन्मदिन की बधाई दीं।
Published on:
01 Jul 2023 12:03 pm
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