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मायावती को मिला एनडीए का ऑफर तो बौखलाए अखिलेश, कहा-अठावले को गंभीरता से नहीं लेता

दलित नेता बनने को लेकर मची होड़ पर अखिलेश की राजनीति को झटका लग सकता है।
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नई दिल्ली

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Dhirendra Kumar Mishra

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Updated: 31 Mar 2018, 3:09 PM IST

akhilesh

नई दिल्‍ली. एनडीए की तरफ से मायावती को पीएम मोदी की टीम में शामिल होने का ऑफर मिलने की चर्चा के बाद से सपा प्रमुख व यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव सबसे ज्‍यादा परेशान हैं। उन्‍हें अब यूपी में खुद के बुने राजनीतिक समीकरण का खेल बिगड़ने का डर सताने लगा है। यही कारण है कि उन्होंने केन्‍द्रीय मंत्री रामदास अठावले पर जोरदार हमला बोलते हुए कहा कि वह संसद में सिर्फ मनोरंजन करना जानते हैं। मैं, उनकी बातों को कोई गंभीरता से नहीं लेता। साथ ही यह भी बताया कि मैं, उन्‍हें करीब से जानता हूं। क्योंकि मुझे भी सदन में बैठकर उन्हें सुनने का अनुभव है।

वोट बैंक हिलने का सता रहा है डर
दरअसल यूपी की एक जनसभा में रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आरपीआई) के अध्यक्ष और मोदी सरकार में सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास अठावले ने बसपा सुप्रीमो मायावती को NDA में शामिल होने का ऑफर दिया था। यह ऑफर अखिलेश यादव को हजम नहीं हुआ। बताया जा रहा है कि इस ऑफर के बाद से वो घबराना गए हैं। उन्‍हें लगता है कि कहीं बसपा प्रमुख बुआ जी ने इस ऑफर को स्‍वीकार कर लिया तो उनका खेल चौपट हो सकता है। साथ ही अठावले ने मीडिया को यह भी बताया था कि अगर वह वाकई में दलितों का भला चाहती हैं तो NDA से जुड़कर मोदीजी के हाथ मजबूत करेंगी। मैं, रामविलास पासवान और मायावती मिलकर मोदी सरकार से दलितों के हित के लिए अधिक पैसे ले सकते हैं। जबकि अखिलेश के साथ मायावती को कुछ नहीं मिलेगा लेकिन अगर वह NDA में आएंगी तो उन्हें बहुत कुछ मिलेगा। अगर वह हमारे साथ आ जाएंगी तो सपा और कांग्रेस की एक दो सीटों को छोड़कर कहीं पर भी जीत नहीं होगी। यही नहीं राहुल गांधी भी अपनी सीट हार जाएंगे।

हिंदुओं में खत्‍म होगा भेदभाव
आपको बता दें कि रामदास अठावले मोदी सरकार में बड़े दलित चेहरा हैं। अगर मायावती सच में उनकी बात मान लेती हैं और NDA में शामिल होती हैं तो देश की राजनीति पूरी तरह से बदल जाएगी। हिन्‍दुओं में भेदभाव खत्‍म होगा। दलितों का भला होगा और आपस में भाईचारा भी बढेगा। इसी के मद्देनजर अठावले ने एनडीए में शामिल होने का उन्‍हें ऑफर दिया है।

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