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जोर-शोर से गरमाई बिहार की राजनीति, शाह के पटना दौरे से पहले जदयू ने चली यह चाल!

भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह का पटना कौ दौरा करने वाले हैं। बिहार की राजनीति में एक अलग सुगबुगाहट शुरू हो गई है।

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AMIT SHAH AND NITISH KUMAR

जोर-शोर से गरमाई बिहार की राजनीति, शाह के पटना दौरे से पहले जदयू ने चली यह चाल!

नई दिल्ली। 2019 लोकसभा चुनाव की बिसात बिछ चुकी है। सभी राजनीतिक पार्टियों की ओर से करीब-करीब शंखनाद हो गया है। इसके अलावा गठबंधन और जोड़-तोड़ की राजनीति भी जोर-शोर से शुरू हो गई है। खासकर बिहार, यूपी में यह समीकरण अपने चरम पर है। भाजपा 'संपर्क फॉर समर्थन' कार्यक्रम के तहत पूरे देश में अपने बीते कार्यकाल की गुणगान कर रही है। वहीं, उसके घटक दल सीट बंटवारे को लेकर पूरी तैयारी में जुटे हैं। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह इसी प्रचार-प्रसार को आगे बढ़ाते हुए अगामी 12 जुलाई को पटना पहुंच रहे हैं। वहीं, उनके सहोयगी दल जदयू सीट बंटवारे को लेकर शाह के इंतजार में नजरें गड़ाए बैठी है। चर्चा है कि शाह का दौरा गठबंधन को लेकर अहम है और इसमें कई महत्वपूर्ण फैसले लिए जा सकते हैं।

शाह के आने से पहले जदयू ने चल दी यह चाल

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अगमी 22 जुलाई को शाह पटना पहुंचकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात करेंगे। जानकारी के मुताबिक, अमित शाह की नीतीश कुमार के साथ मुलाकात के दौरान दोनों दलों के बीच लोकसभा चुनाव को लेकर सीटों के तालमेल पर चर्चा भी होगी। लेकिन, उससे पहले जदूय की ओर से एक ऐसा बयान आया है, जिससे हलचल मच गई है। दरअसल, जदयू प्रवक्ता संजय सिंह ने कहा कि जितनी जल्दी भाजपा और जदयू के बीच सीटों के तालमेल को लेकर चर्चा पूरी कर ली जाए, एनडीए गठबंधन के लिए उतना ही बेहतर होगा। संजय सिंह ने कहा कि लोकसभा चुनाव अब बिल्कुल पास है और ऐसे में गठबंधन में सीटों को लेकर तालमेल हो जाना चाहिए ताकि सभी दलों को पता रहे कि उन्हें कितनी सीटों पर लड़ना है।

पहले भी आ चुके हैं इस तरह के बयान

गौरतलब है कि इससे पहले भी जदूय की ओर से इस तरह के बयान आ चुके हैं, जिसमें कहा गया था कि बिहार में नीतीश कुमार ही NDA का चेहरा हैं और गठबंधन में बड़े भाई की भूमिका में हैं। ऐसे में शाह के दौरे से ठीक पहले, जदयू की ओर से इस तरह का बयान आने का कई मतलब निकाले जा रहे हैं। शाह और नीतीश कुमार की इस मीटिंग के कई मायने लगाए जा रहे हैं।