
fgfgfdgf
नई दिल्ली। अपनी चुनावी रणनीति के लिए मशहूर प्रशांत किशोर को अब नई पार्टी की तलाश है। जानकारी सामने आई है कि प्रशांत एक बार फिर से भाजपा खेमे में लौटना चाहते हैं। लेकिन भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की ओर से अभी प्रशांत को ग्रीन सिग्नल नहीं मिल पा रहा है। आपको बता दें कि प्रशांत किशोर ने ही 2014 के आम चुनाव को लेकर भाजपा की चुनावी रणनीति तय की थी। प्रशांत को ही पीएम मोदी की कामयाबी का श्रेय दिया जाता है। 2014 के चुनाव के बाद वह अगले ही साल (2015) बिहार में हुए विधानसभा चुनाव में नीतीश के साथ चले गए। बताया जा रहा है कि प्रशांत किशोर एक बार फिर 2019 में भाजपा का प्रचार अभियान संभालना चाहते हैं।
दरअसल, 2014 में भाजपा की जीत के साथ सफलता के शिखर पर पहुंचे प्रशांत का जादू देश में खूब छाया रहा। लेकिन कांग्रेस रणनीतिकार के रूप में 2017 विधानसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में कांग्रेस को मिली करारी हार ने उनको हाशिये पर लाकर खड़ा कर दिया। भाजपा सूत्रों के मुताबिक पीएम मोदी प्रशांत किशोर की योग्यता की कदर करते हैं और एक बार फिर चुनाव की कमान उनको सौंपना चाहते हैं।
वहीं, खबर यह भी है कि भाजपा अध्यक्ष अमित शाह जो पार्टी चुनाव अभियान की कमान भी संभाल रहे हैं, की ओर से अभी प्रशांत को लेकर कोई संकेत नहीं मिला है। बताया जा रहा है कि शाह 2015 में प्रशांत के नीतीश के साथ जाने से खफा हैं। यही कारण है कि शाह अब प्रशांत को चुनावी अभियान में शामिल करने की के पक्ष में नहीं हैं। हालांकि शाह ने उनको अन्य किसी प्रोजेक्ट देने की बात पर सहमति जताई है।
Updated on:
15 Jul 2018, 2:51 PM IST
Published on:
15 Jul 2018, 11:38 AM IST
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.