
BJP Politics Amit Shah In Action : विधानसभा हो या फिर लोकसभा। भारतीय जनता पार्टी दोनों ही चुनावों में विपक्षियों से दो दो हाथ करने का तैयार है। चुनावी दंगल की तैयारी भाजपा ऐसे कर रही है कि एक ही तीर से दो निशाने सध जाएं। भाजपा विधानसभा चुनाव की बजाय लोकसभा 2024 को तरजीह दे रही है। उसका मानना है कि जब हमारी तैयारी ही बड़ी होगी तो विधान सभा की जीत पहले ही हो जाएगी।
इसी कड़ी में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सहित पांच मंत्रियों के संभाग दुर्ग में पहुंचकर अपना बड़ा चुनावी दांव खेल दिया है। अपने प्रवास के दौरान शाह ने भिलाई में पद्मश्री उषा बारले के घर पहुंचकर सतनामी समाज को यह संदेश देने की कोशिश की है। वो पार्टी से जुड़े और पार्टी उनको सम्मान देगी। प्रदेश में सतनाम समाज की बड़ी आबादी है, जो एक तरह से कांग्रेस का बड़ा वोट बैंक माना जाता है। यही वजह है कि शाह की यह दौरा कांग्रेस के लिए चुनावी गणित बदलने वाला साबित हो सकता है।
दुर्ग संभाग में 2018 के चुनाव में भाजपा के सारे गणित फेल हो गए थे। इसकी कुल 20 विधानसभा सीट में से 17 सीट कांग्रेस के खाते में आईं थी। भाजपा वैशालीनगर और राजनांदगांव विधानसभा क्षेत्र में जीत हासिल की थी। खैरागढ़ विधानसभा क्षेत्र की सीट जोगी कांग्रेस के खाते में गई थी। हालांकि यहां के विधायक देवव्रत सिंह के निधन के बाद हुए उपचुनाव में कांग्रेस जीत हासिल करने में सफल रही थी। यही वजह है कि इस बार शाह ने अपनी सभा के लिए दुर्ग को चुना था।
डॉ रमन सिंह की तारीफ
शाह ने अपनी सभा के डॉ रमन सिंह की तारीफ कर कई संदेश दिए हैं। उन्होंने रमन सिंह के लिए एक बार फिर चाउर वाले बाबा शब्द का उपयोग किया है। इससे रमन खेमे से जुड़े लोगों में एक बार फिर उत्साह आया है।
इन नेताओं का गढ़
दुर्ग संभाग कांग्रेस और भाजपा दोनों दलों के दिग्गज नेताओं का गृह क्षेत्र है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल दुर्ग जिले के पाटन विधानसभा क्षेत्र से चुनाव जीते थे। इनके अलावा गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू दुर्ग ग्रामीण, कृषि मंत्री रविंद्र चौबे साजा, वनमंत्री मोहम्मद अकबर कवर्धा, पीएचई मंत्री गुरु रुद्रकुमार अहिवारा और महिला एवं बाल विकास मंत्री अनिला भेड़िया डौंडीलोहारा विधानसभा क्षेत्र से चुनाव जीतकर मंत्री बनी है। पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह कवर्धा से आते हैंए लेकिन वे राजनांदगांव के विधायक हैं।
गुटबाजी दूर करने का संदेश
दुर्ग संभाग भाजपा की सियासत का बड़ा केंद्र बिंदु है। कारण यह शुरू से गुटबाजी हावी रही है। खास कर भाजपा के संगठन जिले भिलाई व दुर्ग में। यहां संगठन विस्तार का काम भी चुनौतीपूर्ण रहता है। यही वजह है कि संगठन ने भी यहां शाह को आगे कर गुटबाजी दूर होने का संदेश देने का प्रयास किया है।
Published on:
23 Jun 2023 04:14 pm
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