
कर्नाटक में लोस-विस उपचुनाव में 67% मतदान
बेंगलूरु. लोकसभा की तीन और विधानसभा की दो सीटों के लिए शनिवार को हुए उपचुनाव में करीब 67 फीसदी मतदाताओं ने मताधिकार का उपयोग किया। कुछ जगहों पर बहिष्कार और राजनीतिक दलों के कार्र्यकर्ताओं के बीच तकरार को छोड़कर मतदान शांतिपूर्ण रहा। इसके साथ ही पांचों सीटों के लिए 31 उम्मीदवारों का भाग्य इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) मेंं बंद हो गया। मतगणना मंगलवार को होगी और उसी दिन दोपहर तक परिणाम घोषित हो जाने की संभावना है।
सुबह 7 बजे मतदान शुरू होने के बाद पहले दो घंटे के दौरान मतदान का प्रतिशत कम रहा लेकिन उसके बाद मतदान में तेजी आई। आखिरी एक घंटे मेंं औसतन 5-6 फीसदी मतदाताओं ने मतदान किया। चुनाव आयोग ने कहा कि शाम ६ बजे तक मतदान खत्म होने के बाद प्रारंभिक आंकड़ों के मुताबिक पांचों क्षेत्रों में ६६.८२ फीसदी मतदाताओं ने मताधिकार का उपयोग किया। आयोग के अधिकारियों का कहना था कि अंतिम आंकड़े आने के बाद इसमें एक-दो फीसदी की वृद्धि संभव है।
आयोग के मुताबिक सबसे अधिक मतदान जमखंडी विधानसभा क्षेत्र में हुआ जहां 81.58 फीसदी मतदाताओं ने मताधिकार का उपयोग किया। जमखंडी सीट कांग्रेस के लिए प्रतिष्ठा का सवाल बनी हुई है। सिद्धून्यामे गौड़ा के निधन से रिक्त हुई इस सीट से कांग्रेस ने सिद्धू के बेटे आनंद को उतारा था। राजनीति के नए खिलाड़ी आनंद का मुकाबला भाजपा के श्रीकांत कुलकर्णी से है जो पहले भी विधायक रह चुके हैं। इसके बाद दूसरे स्थान पर रामनगर विधानसभा क्षेत्र रहा जहां 73.71 मतदाताओं ने मतदान किया। यहां से मुख्यमंत्री एच डी कुमारस्वामी की पत्नी अनिता कुमारस्वामी जद-एस की प्रत्याशी हैं। गठबंधन में शामिल कांग्रेस उनका समर्थन कर रही है। भाजपा के अधिकृत उम्मीदवार एल चंद्रशेखर मतदान से दो दिन पहले ही पार्टी छोड़कर कांग्रेस में वापस लौटने की घोषणा कर चुके हैं जिसके कारण अनिता की जीत यहां आसान मानी जा रही है। जमखंडी और रामनगर सीट पर विधानसभा चुनाव में क्रमश: कांग्रेस और जद-एस जीती थी।
मतदान प्रतिशत के मामले में बल्लारी (सुरक्षित) लोकसभा क्षेत्र तीसरे स्थान पर रहा, जहां 63.85 फीसदी मतदाताओं ने मताधिकार का उपयोग किया। सत्तारुढ़ गठबंधन और भाजपा के बीच यहां कांटे की टक्कर है। भाजपा उम्मीदवार जे. शांता का मुकाबला कांग्रेस के वी एस उग्रप्पा से है। भाजपा अपने इस गढ़ को बचाने के लिए जूझ रही है तो कांग्रेस अपने इस सियासी किले पर फिर से कब्जा करना चाहती है।
मतदान के मामले में शिवमोग्गा चौथे स्थान पर रहा, जहां 61.05 फीसदी मतदाताओं ने मताधिकार का उपयोग किया। शिवमोग्गा में भी कांग्रेस और जद-एस गठबंधन तथा भाजपा के बीच कड़ा मुकाबला है। यहां तीन पूर्व मुख्यमंत्रियों के बेटों के मैदान में होने के कारण मुकाबला काफी रोचक है। बेटे बी वाई राघवेंद्र के मैदान में होने के कारण प्रदेश भाजपा अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री बी एस येड्डियूरप्पा की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है। राघवेंद्र के अलावा पूर्व मुख्यमंत्री एस बंगारप्पा के बेटे मधु बंगारप्पा और जे एच पटेल के बेटे महिमा पटेल क्रमश: जद-एस व जद-यू के उम्मीदवार हैं।
सबसे कम मतदान मण्ड्या लोकसभा क्षेत्र में हुआ। यहां सिर्फ 53.93 मतदाताओं ने मताधिकार का उपयोग किया। यहां मुकाबला जद-एस के एल आर शिवराम गौड़ा व भाजपा के डॉ सिद्धरामय्या के बीच है।
Published on:
03 Nov 2018 07:55 pm
बड़ी खबरें
View Allराजनीति
ट्रेंडिंग
