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चुनावी मौसम आते रंग बदलने लगे नेता, बीजेपी से कांग्रेस तक सबको लगे झटके

चुनाव की तारीखों का ऐलान होने के साथ नेताओं को कल तक जिस पार्टी में लाख कमियां नजर आती थी,आज वे अचानक सबसे अच्छी हो चुकी है और दल बदलने की रेस शुरू हो गई है।

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Chandra Prakash Chourasia

Nov 14, 2018

Assembly elections 2018

चुनावी मौसम आते रंग बदलने लगे नेता, बीजेपी से कांग्रेस तक सबको लगे झटके

नई दिल्ली। देश में जब जब चुनावी मौसम आता है हमारे राजनेता अपने असली रंग में आ जाते हैं। चुनावी बिगुल बजते विचारधारा के मोह को छोड़ कुर्सी को सर्वोपरि रखते हुए नेता एक पार्टी से दूसरी पार्टी में मेंढक की तरह कूदना शुरु कर चुके हैं। कल तक जिस पार्टी में लाख कमियां नजर आती थी,आज वे अचानक सबसे अच्छी हो चुकी है। ताजा घटनाक्रम पांच राज्यों का विधानसभा चुनाव है। जहां नेता हर रोज कभी प्रतिद्वंदी रही पार्टियों का दामन थाम रहे हैं।

कांग्रेस के हुए बीजेपी के मीणा

सबसे पहले बात राजस्थान के सियायत की। यहां कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव के लिए प्रत्याशियों की पहली सूची जारी करने से पहले बीजेपी में हड़कंप मचा दिया। गुरुवार को दौसा से बीजेपी सांसद हरीश मीणा ने कांग्रेस का दामन थाम लिया। राजस्थान पुलिस के डीजीपी रह चुके मीणा ने कांग्रेस प्रभारी अविनाश पांडे, पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और राजस्थान प्रदेश कांग्रेस इकाई के अध्यक्ष सचिन पायलट की मौजूदगी में कांग्रेस ज्वाइन की। पायलट ने कहा कि मीणा बिना किसी शर्त के पार्टी में शामिल हुए हैं। खबर है कि हरीश मीणा का इस्‍तेमाल कांग्रेस किरोड़ीलाल मीणा की काट के तौर पर करेगी,जो हाल में बीजेपी में शामिल हुए हैं। हरीश मीणा ने 2014 के लोकसभा चुनाव में अपने बडे भाई और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता नमोनारायण मीणा को दौसा लोकसभा सीट से हराया था।

शिवराज के घर में बदला राजनीति का रंग

वहीं दूसरी ओर बात अगर मध्यप्रदेश की करें तो यहां मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के घर में राजनीति ने रंग बदल दिया है। सीएम के .साले संजय सिंह मसानी ने बीजेपी का साथ छोड़ कांग्रेस में शामिल होकर सबको चौंका दिया। संजय सिंह, शिवराज सिंह चौहान की पत्नी साधना सिंह के भाई हैं। कांग्रेस का हाथ पकड़ते संजय सिंह ने बीजेपी पर वंशवाद की राजनीति को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश को अब नाथ की जरूरत है शिवराज की नहीं, जो बीते 13 सालों से मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठे हुए हैं।

कांग्रेस के गढ़ में बीजेपी की घुसपैठ

बीजेपी शासित तीसरे प्रदेश छत्तीसगढ़ में भी विधानसभा चुनाव से पहले पाला बदलने का सिलसिला जारी है। यहां प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष रामदयाल उइके ने अपनी पार्टी छोड़कर बीजेपी का दामन थाम लिया। उइके छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले की पाली-तानाखार विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक हैं। इस सीट को कांग्रेस का एक मजबूत दुर्ग माना जाता है। उइके को बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह ने पार्टी में शामिल कराया।