28 अक्टूबर 2026,

बुधवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

भीमा कोरेगांव केस: चार्जशीट दायर करने के लिए पुणे पुलिस को सेशंस कोर्ट से 90 दिनों की मोहलत

पुणे पुलिस ने पांचों आरोपियों को माओवादियों के साथ संबंध होने के आरोप में गिरफ्तार किया था।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

•

image

Dhirendra Kumar Mishra

•

Updated: 2 Sep 2018, 2:53 PM IST

bhima koregaon case

भीमा कोरेगांव केस: चार्जशीट दायर करने के लिए पुणे पुलिस को सेशंस कोर्ट से 90 दिनों की मोहलत

नई दिल्‍ली। चर्चित भीमा कोरेगांव हिंसा मामले में पुणे पुलिस को आज बड़ी राहत मिली। पुणे सेशंस कोर्ट ने इस मामले में गिरफ्तार किए गए पांच आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दायर करने के लिए स्‍थानीय पुलिस को 90 दिनों की मोहलत दी है। इससे पहले पुलिस ने छह जून को सुरेंद्र गाडलिंग, शोमा सेन, महेश राउत, सुधीर धवले और रोना विल्सन को भीमा कोरेगांव में हिंसा के मामले में गिरफ्तार किया था।

हस्‍तक्षेप की गुजारिश
इस मामले में आरोपी सुरेंद्र गाडलिंग की पत्नी ने सुप्रीम कोर्ट से हस्तक्षेप करने की गुजारिश की है। उन्‍होंने इसको लेकर एक याचिका दायर की है। सुरेंद्र की पत्नी मीनल गाडलिंग का आरोप है कि इन सभी को मामले में फंसाया जा रहा है जबकि उनकी इस हिंसा में कोई भागीदारी नहीं थी। इसके बावजूद पूणे पुलिस ने उन्‍हें गिरफ्तार करने का काम किया। उनका आरोप है कि पुख्‍ता सबूतों के अभाव के बावजूद पुलिस ने यह कदम उठाया। पुलिस के इस कार्रवाई पर रोक लगाने की जरूरत है। पुणे पुलिस ने पांचों आरोपियों को माओवादियों के साथ निकट संबंध होने के आरोप में गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम ऐक्ट के तहत गिरफ्तार किया था। मामले में जनवरी में एक एफआईआर दर्ज की गई थी और मार्च में कुछ और धाराएं जोड़ी गई थीं।

हत्‍या की साजिश
हिंसा की ये घटना एक जनवरी 2018 की है। इस मामले में पांच लोगों की गिरफ्तारी के बाद एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ था। पुणे पुलिस को इनमें से एक आरोपी के घर से ऐसा पत्र मिला था जिसमें राजीव गांधी की हत्या जैसी प्लानिंग का ही जिक्र था। इस पत्र में पीएम नरेंद्र मोदी को निशाना बनाने की बात भी कही गई थी। जिसके आधार पर विगत मंगलवार को देशभर के कई शहरों मुंबई, रांची, हैदराबाद, फरीदाबाद, दिल्ली और ठाणे में पुणे पुलिस ने छापेमारी कर इन लोगों को गिरफ्तार किया था।

आरोपी माओवादी एक्टिविस्‍ट
आपको बता दें कि माओवादियों से कथित रिश्तों और गैर-कानूनी गतिविधियों के आरोप में पुणे पुलिस ने जिन 5 माओवादी शुभचिंतकों को गिरफ्तार किया था। वे लंबे समय से माओवादी संगठनों के लिए बतौर एक्टिविस्ट काम करते रहे हैं। पुलिस के मुताबिक भीमा कोरेगांव हिंसा मामले में गिरफ्तार किए गए माओवादियों के पास मिले दस्तावेजों में इन लोगों के नाम थे। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को आदेश दिया था कि भीमा-कोरेगांव हिंसा मामले के संबंध में 28 अगस्त को गिरफ्तार किए गए पांच कार्यकर्ताओं को छह सितंबर तक उनके घर में ही नजरबंद रखा जाए।