
नई दिल्ली। बीजेपी नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की मुश्किलें थमने का नाम नहीं रही हैं। यही वजह है कि तेलगु देशम पार्टी (टीडीपी) के बाद अब बीजेपी की एक और सहयोगी पार्टी गोरखा जनमुक्ति मोर्चा (जीजेएम) ने एनडीए से नाता तोड़ने की घोषणा कर दी है। यही नहीं जीजेएम ने बीजेपी पर विश्वासघात का आरोप भी लगाया है।
दिलीप घोष के बयान से नाराज
गोरखा जनमुक्ति मोर्चा अध्यक्ष एलएम लांबा ने घोषणा करते हुए कहा कि अब उसका बीजेपी या उसकी अगुवाई वाले एनडीए से कोई ताल्लुक नहीं है। वहीं, राजनीतिक विश्लेषकों की मानें तो जीजेएम नेता बीजेपी से काफी समय से नाराज चल रहे थे। इसकी सबसे बड़ी वजह बंगाल बीजेपी अध्यक्ष दिलीप घोष का वह बयान बताया जा रहा है, जिसमें उन्होंने गोरखा जमनुक्ति मोर्चा से बीजेपी का सिर्फ चुनावी गठबंधन है। इसके अलावा इस पार्टी से किसी भी राजनीतिक मुद्दे पर कोई समझौता न होने की बात कही थी। जीजेएम अध्यक्ष लामा ने तंज कसते हुए कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी ने गोरखा लोगों के सपने को अपना सपना बताया था, लेकिन दिलीप घोष ने बीजेपी ने मंशा की पोल खोल दी।
बीजेपी को बताया धोखा
लामा ने यह भी कहा कि हमने पूरी ईमानदारी के साथ गठबंधन धर्म निभाया है और इसी का नतीजा है कि हमने पश्चिम बंगाल की दार्जिलिंग संसदीय सीट दो बार बीजेपी को गिफट की। उन्होंने कहा कि हमें उम्मीद थी कि बीजेपी प्रत्याशी का समर्थन करने से उनकी समस्याओं पर विचार किया जाएगा, लेकिन यह सब एक बहुत बड़ा धोखा था। बता दें कि इससे पहले टीडीपी एनडीए से नाता तोड़ चुकी है। शनिवार को टीडीपी प्रमुख नायडू ने आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा अध्यक्ष तथ्यों को गलत तरीके से पेश कर रहे हैं और तेलुगू लोगों की भावनाओं का अपमान कर रहे हैं। भाजपा नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन का साथ छोड़ने के पार्टी के निर्णय का बचाव करते हुए उन्होंने कहा कि यह लोगों की भावनाओं के अनुरूप किया गया क्योंकि लोग केंद्र सरकार द्वारा ठगा हुआ महसूस कर रहे थे। राजग ने अपने गठबंधन के साथियों और राज्य के प्रति अपनी जिम्मेदारी नहीं निभाई।
Published on:
24 Mar 2018 09:13 pm

बड़ी खबरें
View Allराजनीति
ट्रेंडिंग
