गोरखा जनमुक्ति मोर्चा अध्यक्ष एलएम लांबा ने घोषणा करते हुए कहा कि अब उसका बीजेपी या उसकी अगुवाई वाले एनडीए से कोई ताल्लुक नहीं है। वहीं, राजनीतिक विश्लेषकों की मानें तो जीजेएम नेता बीजेपी से काफी समय से नाराज चल रहे थे। इसकी सबसे बड़ी वजह बंगाल बीजेपी अध्यक्ष दिलीप घोष का वह बयान बताया जा रहा है, जिसमें उन्होंने गोरखा जमनुक्ति मोर्चा से बीजेपी का सिर्फ चुनावी गठबंधन है। इसके अलावा इस पार्टी से किसी भी राजनीतिक मुद्दे पर कोई समझौता न होने की बात कही थी। जीजेएम अध्यक्ष लामा ने तंज कसते हुए कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी ने गोरखा लोगों के सपने को अपना सपना बताया था, लेकिन दिलीप घोष ने बीजेपी ने मंशा की पोल खोल दी।