
EVM पर संसदीय समिति राज्यसभा में पेश की रिपाेर्ट।
नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव 2014 के बाद से सभी विपक्षी दलों के नेता इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन ( EVM ) से मतदान का पुरजोर विरोध करते आ रहे हैं। विपक्षी सदस्यों ने इसकी विश्वसनीयता सवाल उठाए। जनता को ईवीएम से मतदान को लेकर गुमराह किया। कांग्रेस सहित टीएमसी, बीएसपी, एसपी व अन्य दलों ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन के खिलाफ जाेर शाेर से सवाल उठाए। चुनावों में हार के बाद कई गैर एनडीए दलों ने कहा कि ईवीएम में गड़बड़ी का आरोप लगाया। अब वही लोग ईवीएम से चुनाव का समर्थन करने लगे हैं। इतना ही ईवीएम का विरोध करने वाले नेताओं ने ईवीएम और वीवीपैट से स्थानीय निकायों का चुनाव कराने की भी मांग करने लगे हैं।
एक दौर तो ऐस भी आया जब ईवीएम को लेकर संदेह इतना बढ़ गया कि 2019 में लोकसभा चुनाव बैलेट पेपर से कराने की डिमांड होने लगी। लेकिन एक संसदीय समिति ने ईवीएम में गड़बड़ी की आशंका को पूरी तरह से निर्मूल करार दिया है। ताज्जुब की बात यह है कि इस समिति में तृणमूल कांग्रेस और बीएसपी जैसे दलों के सांसद भी शामिल हैं।
बता दें कि इस बात का खुलासा कार्मिक, जन शिकायत, कानून और न्याय विभाग से जुड़ी समिति ने अपनी रिपोर्ट में हुई है। इस रिपोर्ट को शुक्रवार को राज्यसभा में रखा गया। इस समिति अवैध वोटों को खत्म करने और बैलेट पेपर से जुड़े विलंब और गलतियों को दूर करने को लेकर म्टड की तारीफ की गई है। इतना ही नहीं TMC और BSP के सांसदों वाली इस समिति ने स्थानीय निकाय चुनावों में भी EVM के इस्तेमाल का प्रस्ताव रखा है।
संसद की इस समिति ने राज्य निर्वाचन आयोगों को को सुझाव दिया है कि मतदाताओं की सुविधा के लिए स्थानीय निकायों के चुनाव भी EVM और VVPAT के जरिए कराए जाएं। आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि रिपोर्ट की सिफारिश पर किसी भी विपक्षी दलों के किसी सांसद ने असहमति नहीं जाहिर की है।
कार्मिक, जन शिकायत, कानून और न्याय विभाग से जुड़ी समिति के चेयरमैन बीजेपी के सांसद भूपेंद्र यादव हैं। इस समिति में तृणमूल कांग्रेस और बीएसपी के सांसद भी सदस्य हैं। टीएमसी और बीएसपी ने पहले बैलेट पेपर सिस्टम से मतदान कराने की मांग की थी। अब उन्होंने कहा है कि म्टड से न केवल निर्वाचन प्रक्रिया को सरल किया है, बल्कि वोटों की गिनती में तेज हुई है और मतदाताओं के लिए भी सुविधाजनक है।
इस समिति की रिपोर्ट में कहा गया है कि EVM और VVPAT ने मतदाताओं के विश्वास को मजबूत किया है। निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ी है। समिति ने यह भी कहा है कि सुप्रीम कोर्ट ने भी बैलेट पेपर सिस्टम से चुनाव की मांग वाली याचिका को खारिज करके EVM और VVPAT से चुनाव का समर्थन किया है।
Updated on:
08 Mar 2020 01:06 pm
Published on:
08 Mar 2020 01:01 pm

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