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बिहार चुनाव : हार के बाद शकुनी चौधरी ने राजनीति से लिया संन्यास

शकुनी चौधरी ने कहा कि चुनाव से पूर्व ही उन्होंने इस बार सार्वजनिक रूप से कहा था कि वह अंतिम बार चुनावी राजनीति में उतरे हैं

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Jameel Ahmed Khan

Nov 13, 2015

Shakuni Choudhary

Shakuni Choudhary

पटना। बिहार में बदलते राजनीतिक घटनाक्रम के बीच हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) के प्रदेश अध्यक्ष शकुनी चौधरी ने शुक्रवार को पद से इस्तीफा देने के साथ ही चुनावी राजनीति से संन्यास लेने की घोषणा की। चौधरी ने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा कि वह पिछले 35 वर्ष से राजनीति कर रहे हैं और इस दौरान उन्होंने कई उतार-चढ़ाव देखे। राजनीति में आने से पूर्व उन्होंने 15 वर्षों तक सेना में रहकर देश की देश की सेवा की है।

पूर्व मंत्री ने कहा कि चुनाव से पूर्व ही उन्होंने इस बार सार्वजनिक रूप से कहा था कि वह अंतिम बार चुनावी राजनीति में उतरे हैं। पूर्व मंत्री ने कहा कि वर्ष 1980 में पहली बार विधायक बने और इसके बाद से वह लगातार सात बार विधायक रहे। इस दौरान वह खगड़यिा से एक बार सांसद रहे और इसके बाद बिहार विधानसभा के उपाध्यक्ष भी बने।

उन्होंने कहा कि इस बार प्रदेश के लोगों ने जनता दल यूनाईटेड (जदयू) के वरिष्ठ नेता नीतीश कुमार और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव के महागठबंधन को जनादेश दिया है और वह जनादेश का पूरी तरह से सम्मान करते हैं। कुमार और यादव के साथ भी उनके अच्छे संबंध हैं तथा उनके साथ लम्बे समय तक काम करने का भी उन्हें अवसर मिला है।

चौधरी ने कहा कि कुमार और यादव की जोड़ी को प्रदेश के लोगों ने पसंद किया है और उन्हें उम्मीद है कि यह जोड़ी बिहार के विकास के लिए बेहतर काम करेगी। बिहार को विकास के मार्ग पर आगे ले जाने के लिए बहुत कुछ करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि जिस रफ्तार से देश आगे बढ़ रहा है उसी तेजी के साथ बिहार को भी आगे बढऩे की जरूरत है।

पूर्व मंत्री ने कहा कि विधानसभा चुनाव में पार्टी की हार के लिए वह अपनी नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए प्रदेश अध्यक्ष के पद से जहां इस्तीफा दे दिया है वहीं अब चुनावी राजनीति से भी पूरी तरह संन्यास ले लिया है। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से सकारात्मक विपक्ष की भूमिका निभाने का आग्रह किया जिससे प्रदेश का चहुंमुखी विकास हो सके।

चौधरी इस बार तारापुर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव मैदान में थे जहां उन्हें हार का सामना करना पड़ा। उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के घटक हम ने 21 सीटों पर चुनाव लड़ा था जिसमें से एक मात्र इमामगंज विधानसभा क्षेत्र से पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी को ही जीत मिली है।

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