उन्होंने कहा कि वर्तमान वित्तीय वर्ष से सरकार ने दलितों की प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति के भुगतान के लिए आधार कार्ड अनिवार्य कर दिया है, जबकि नौवीं व दसवीं कक्षा के 6,82,500 दलित लाभुकों में से अब तक एक लाख का भी आधार कार्ड नहीं बन पाया है। मगध प्रमंडल में मात्र 0.77 प्रतिशत जबकि तिरहुत प्रमंडल में 1.18 और पटना प्रमंडल में मात्र 6.60 प्रतिशत लाभुक दलित छात्रों के ही आधार कार्ड बन पाए हैं।