विपक्ष की ओर से यह मेवालाल का मामला उठाने के बाद से नीतीश कुमार घिर गए हैंं। इस वजह से एनडीए भी बैकफुट पर है। वहीं, नीतीश के फैसले ने विपक्ष को सरकार के खिलाफ। एक बड़ा हथियार थमा दिया है। पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद ने एक ट्वीट में कहा कि तेजस्वी ने पहली कैबिनेट बैठक में पहले हस्ताक्षर से 10 लाख नौकरियां देने का वादा किया था, नीतीश कुमार ने पहले कैबिनेट में एक दागी विधायक को शिक्षा मंत्री बनाया।