
रवि नेगी
नई दिल्ली। दिल्ली में आम आदमी पार्टी (आप) को बंपर जनसमर्थन मिला है। मगर एक सीट ने पर दिल्ली के डिप्टी सीएम की सांसें थम सी गई थीं। यहां पर कांटे की टक्कर देखने को मिली। पार्टी के नंबर दो नेता और शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया को पटपड़गंज विधानसभा में बीजेपी के उम्मीदवार रवि नेगी के मुकाबले लगातार 8 राउंड की मतगणना में पीछे रहना पड़ा। पहले और दूसरे राउंड में बेहद मामूली बढ़त के बाद सिसोदिया जब तीसरे राउंड में नेगी से पिछड़े तो लगातार 10वें राउंड तक पिछड़ते चले। हालांकि, कुल 15 राउंड की मतगणना में उन्होंने 11वें राउंड से बढ़त बढ़ाई जो आखिर तक कायम रही।
मनीष सिसोदिया को रवि नेगी पर 3,129 वोटों से जीत मिली है। बीजेपी ने यहां पर ध्रवीकरण की राजनीति करनी चाहीं पर वह सफल नहीं हो सकी। वोटर्स बंट नहीं सके और कुल मिलाकर आम आदमी पार्टी और केजरीवालजी को जिताने के लिए वोट किया।
कौन हैं रवि नेगी?
लंबे वक्त तक आम आदमी पार्टी और मनीष सिसोदिया की धड़कनें बढ़ाकर रखने वाले रवि नेगी उत्तराखंड के कुमाऊं के रहने वाले हैं। 43 वर्षीय नेगी ने दिल्ली यूनिवर्सिटी से ग्रैजुएट हैं। उन्होंने 2017 के नगर निगम चुनाव में वेस्ट विनोद नगर से पर्चा भरा था जो रद्द हो गया था। उन्हें पार्टी ने पहली बार विधानसभा का टिकट दिया था। जिस तरह उन्होंने मनीष सिसोदिया जैसे मजबूत चेहरे को कड़ी टक्कर दी। उनसे यह उम्मीद किसी ने नहीं लगाई थी।
नेगी को विधानसभा का टिकट मिलने से क्षेत्र में बीजेपी के विस्तार का जिम्मा सौंपा गया था। वह बीजेपी के विनोद नगर मंडल के पूर्व जिला उपाध्यक्ष भी रह चुके हैं। उन्होंने अपने नामांकन पत्र में कुल 1.29 करोड़ रुपये की संपत्ति घोषित की है। उन्हें करीब 60 हजार वोट मिले।
क्या दिल्ली में BJP को शाहीन बाग ने हरा दिया?
गौरतलब है कि पटपड़गंज विधानसभा सीट 1993 में बनी थी। तब से लेकर अबतक अधिकतम तीन बार कांग्रेस ने इस सीट पर कब्जा जमाया है। इस बार कांग्रेस ने लक्ष्मण रावत के नए चेहरे पर दांव लगाया था। आखिरी बार साल 2008 में कांग्रेस इस सीट पर जीती थी। पिछले दो बार से कांग्रेस तीसरे स्थान पर आ गई है।
Updated on:
11 Feb 2020 04:47 pm
Published on:
11 Feb 2020 04:37 pm
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