BJP leader Chandrakant Patil Apology letter: अपने विवादित बयान के कारण चारों तरफ से घिरे महाराष्ट्र बीजेपी अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल को अब माफी मांगनी पड़ी है। राज्य महिला आयोग को उन्होंने पत्र लिखकर माफी मांगी है।
भारतीय राजनीति में बयानबाजी, आरोप-प्रत्यारोप लगाने का सिलसिला जारी रहता है। इस दौरान कुछ नेता अपनी सीमा लांघ जाते हैं जिस कारण पार्टी की भी फजीहत होती है। ऐसा ही कुछ महाराष्ट्र बीजेपी अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल के साथ हुआ जो सुप्रिया सुले पर विवादित टिप्पणी कर बुरी तरह फंस गए थे। अब उन्होंने अपने बयान के लिए माफी मांगी है। उन्होंने ट्वीट कर अपना माफीनामा भी शेयर किया है जो उन्होंने राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष रूपाली चाकणकरी को भेजा है।
दरअसल, बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल ने सांसद सुप्रिया सुले की आलोचना करते हुए कहा था, "आप (सुप्रिया सुले) राजनीति में क्यों हैं? घर जाएं और खाना बनाएं।" राज्य महिला आयोग ने सीधे पाटिल को पत्र भेजकर इस बयान पर जवाब मांगा था। इस बात का खुलासा चंद्रकांत पाटिल ने रूपाली चाकणकर को पत्र भेजकर किया है। उन्होंने पत्र में कहा, "मैं सुप्रियाताई व सभी माताओं और बहनों का अपमान करने के लिए माफी मांगता हूं।"
बता दें कि चंद्रकांत पाटिल के बयान के खिलाफ कई लोगों ने राज्य महिला आयोग में शिकायत दर्ज करवाई थी। इसके बाद राज्य महिला आयोग ने इसपर संज्ञान लेते हुए जवाब मांगा था।
राज्य महिला आयोग ने मांगा था जवाब
रूपाली चाकणकर ने पाटील को लिखे अपने पत्र में उल्लेख किया था कि महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग अधिनियम, 1993 की धारा 12 (2) और 12 (3) के अनुसार अगले दो दिनों में एक लिखित बयान आयोग को भेजें। इसके बाद चंद्रकांत पाटील ने अपने बयान परब खेद जताया और माफी भी मांगी है।
क्या था मामला?
गौरतलब है कि सुप्रिया सुले ने अपने एक बयान में कहा था कि "मध्य प्रदेश के CM दिल्ली आए और किसी से मिले। पता नहीं अगले दो दिनों में अचानक ऐसा क्या हुआ कि उन्हें OBC आरक्षण के लिए हरी झंडी मिल गई।"
इस बयान पर पलटवार करते हुए महाराष्ट्र बीजेपी अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल ने उन्हें राजनीति छोड़ने और खाना बनाने की नसीहत दे डाली थी।