10 फ़रवरी 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

भाजपा संसदीय दल की बैठक आज, सांसदों को आज कौन सा पाठ पढ़ाएंगे मोदी

BJP Parliamentary Party की तीसरी बैठक आज पहली बैठक में पीएम ने दुर्व्‍यवहार को बताया था अस्‍वीकार्य दूसरी बैठक में पीएम ने सामाजिक कार्यों पर दिया था जोर

2 min read
Google source verification
bjp

नई दिल्‍ली। भारतीय जनता पार्टी संसदीय दल ( BJP Parliamentary Party) की आज बैठक होगी। प्रधानमंत्री नरेंद मोदी ( Prime minister Narendra Modi ) इस बैठक में पार्टी के सांसदों को संबोधित कर सकते हैं। पिछली बैठक में पीएम मोदी ने गैर हाजिर सांसदों को लेकर नाराजगी जाहिर की थी और उनकी लिस्ट बनाने के लिए कहा था।

मंगलवार को भाजपा संसदीय दल की बैठक संसद की लाइब्रेरी बिल्डिंग में होगी। इस बैठक में लोकसभा और राज्‍यसभा के सभी सांसदों को आमंत्रित किया गया है।

राजनीति से हटकर काम करने की दी थी नसीहत

इससे पहले 17 जुलाई को हुई बैठक में प्रधानमंत्री ने कहा था कि राजनीति से हटकर सांसदों को काम करना चाहिए।

उन्होंने कहा था कि देश के सामने जल संकट है, इसलिए उसके लिए भी सांसदों को काम करना चाहिए।

प्रधानमंत्री ने सांसदों से कहा था कि अपने इलाके के अधिकारियों के साथ बैठक कर जनता की समस्याओं के बारे में बात करनी चाहिए। सांसदों और मंत्रियों को संसद में रहना चाहिए।

विगत संसदीय दल की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि जो मंत्री रोस्टर ड्यूटी में उपस्थित नहीं रहते हैं, उनके बारे में उसी दिन शाम तक मुझे बताया जाए।

पीएम मोदी ने सांसदों को कहा कि सरकारी काम और योजनाओ में बढ़ चढ़कर भाग लें। सामाजिक कार्यों में हिस्सा लें। जब संसद चल रही हो तो सदन में उपस्थित रहें।

उन्‍होंने सांसदों से अपने क्षेत्र के लोगों से ज्‍यादा से ज्‍यादा संवाद बनाए रखने पर जोर दिया।

भाजपा संसदीय दल की बैठक आज, पीएम मोदी सांसदों को दे सकते है इस बात की नसीहत

विपक्ष पर बोला था हमला

लोकसभा चुनाव के बाद 9 जुलाई को भाजपा संसदीय दल ( BJP Parliamentary Party) की पहली बैठक में भाजपा ने विपक्ष पर भी निशाना साधा था।

बैठक में पारित प्रस्ताव में कहा गया था कि इस चुनाव में विपक्ष ने लोकतंत्र को हराने की लगातार कोशिशें कीं।

चुनाव प्रक्रिया को लेकर जिस प्रकार भ्रम फैलाया गया, उन सभी नकारात्मक विषयों को जनता ने स्पष्ट रूप से नकार दिया।

कर्नाटक संकट: विधानसभा में शक्ति परीक्षण के लिए स्‍पीकर ने तय की नई डेडलाइन