
भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा (फाइल फोटो)
नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा नई टीम बना रहे हैं। इस टीम में लोकसभा में चुनाव में हारने वाले और केंद्र सरकार से बाहर रह गए प्रमुख नेता, पूर्व मंत्रियों, सांसद और प्रदेशों के मुखिया को जगह मिल सकती है। ऐसे में सत्ता से संगठन और संगठन से सत्ता में जाने की संभावना बनती दिख रही है। इस फेरबदल से केंद्रीय मंत्रिमंडल में विस्तार का रास्ता भी खुलेगा।
भाजपा की नई टीम का ऐलान इस माह के आखिर में किए जाने की संभावना है। राजस्थान, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, झारखंड और दिल्ली में नए नेतृत्व को आगे लाने की बात चल रही है। इससे इन प्रदेशों के पुराने नेताओं को दिल्ली में केंद्रीय टीम में जगह मिलने की संभावना है।
सूत्रों ने बताया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष का मानना है कि प्रदेश में नए नेतृत्व को अगर सक्रिय करना है तो उनको काम करने की आजादी देनी पड़ेगी। इसलिए प्रदेश की राजनीति में सालों से सक्रिय पुराने नेताओं को बाहर निकालकर केंद्रीय राजनीति में लाना होगा, तब ही राज्यों में पार्टी का नया नेतृत्व उभरेगा।
इसके अलावा भाजपा अध्यक्ष नए और युवा चेहरों को संगठन में मौका देने की बात कर रहे हैं। पार्टी सूत्रों के मुताबिक नड्डा अपनी एक ताजा टीम चाहते हैं, ताकि केंद्रीय स्तर पर नया नेतृत्व बने और साथ ही युवाओं को मौका मिले। नड्डा ने नई टीम के लिए राज्यों में भेजे सर्कुलर में भी खासकर युवाओं, महिलाओं और नए चेहरों को मौका देने पर जोर दिया था। सर्कुलर में कहा गया था कि इन वर्गों में समान अनुपात से लोगों को मौका दिया जाए।
नई टीम को अंतिम रूप देने के लिए नड्डा जल्द ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात करने वाले हैं। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने पद संभालते ही प्रदेश स्तर पर बड़े बदलाव करने शुरू कर दिए हैं। दिल्ली चुनाव में पार्टी की हार के बाद उन्होंने पांच नए प्रदेश अध्यक्षों को काम सौंप दिया है। मध्य प्रदेश में युवा नेता विष्णुदत्त शर्मा को जिम्मेदारी दी गई है जबकि महाराष्ट्र और मुंबई भाजपा में फिलहाल पुराने चेहरों के पास ही कमान रखी गई है।
Updated on:
20 Feb 2020 08:33 am
Published on:
19 Feb 2020 06:11 pm
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