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मोदी कैबिनेट में इन मंत्रियों ने ली शपथ, प्रभु ने रेल मंत्रालय छोड़ा

मोदी कैबिनेट में 4 मंत्रियों का प्रमोशन किया गया है।

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MODI CABINET EXPEND, PRABHU

नई दिल्ली: मोदी कैबिनेट का विस्तार किया गया। राष्ट्रपति भवन के दरबार हॉल में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने मंत्रियों को पद एवं गोपनियता की शपथ दिलाई। मोदी कैबिनेट में 4 मंत्रियों का प्रमोशन किया गया है। सबसे पहले धर्मेंद्र प्रधान ने शपथ ली। फिर पीयूष गोयल ने शपथ ली। फिर मुख्तार अब्बास नकवी और सीतारमण ने । पीयूष गोयल को रेल मंत्री बनाया गया। वहीं सुरेश प्रभु को पर्यावरण मंत्रालय दिया गया है। नए सभी 9 मंत्रियों को राज्य मंत्री का दर्जा दिया गया है। शिव प्रताप शुक्ला, अश्वनी चौबे, वीरेंद्र कुमार ने संतोष हेगड़े आर के सिंह ने शपथ ली। 9 नए मंत्रियों ने शपथ ली और चार मंत्रियों का प्रमोशन हुआ। शपथ समारोह होने के बाद पीएम मोदी ने सभी 13 मंत्रियों को बधाई दी।



सुरेश प्रभु ने छोड़ा पद

शपथ समारोह के बाद सुरेश प्रभु ने रेल मंत्रालय छोड़ दिया। सुरेश प्रभु ने ट्वीट कर 13 लाख रेलवे कर्मचारियों को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि ये यादें हमेशा उनके साथ जुड़ी रहेंगी। पीयूष गोयल को रेल मंत्रालय का भार सौंपा जा सकता है।


मोदी कैबिनेट का तीसरा विस्तार

मोदी कैबिनेट का ये तीसरा विस्तार है। इससे पहले मंत्री बनने वाले सभी 9 सांसदों ने पीएम आवास पर प्रधानमंत्री मोदी के साथ चाय पर चर्चा की। पीएम मोदी से मिलने वाले सांसदों में अश्वनी चौबे, वीरेंद्र कुमार पूर्व नौकरशाह आरके सिंह, सत्यपाल सिंह, हरदीप सिंह पुरी समेत 9 सांसद थे। 2019 की तैयारी को लेकर एक बार फिर कैबिनेट विस्तार किया गया
कैबिनेट में ये हुए शामिल

1. शिव प्रताप शुक्ला

2. अश्विनी कुमार चौबे

3. वीरेंद्र कुमार

4. अनंत कुमार हेगड़े

5. राजकुमार सिंह

6. हरदीप सिंह पुरी

7. गजेंद्र सिंह शेखावत

8. सत्यपाल सिंह

9. अल्फ़ोंस कन्ननथनम

दो पूर्व आईएएस, एक पूर्व आईपीएस, एक पूर्व आईएफएस
मोदी कैबिनेट में नौकरशाहों को ज्यादा जगह दी गई है। इनमें आरके सिंह और अल्फांस पूर्व आईएएस, सत्यपाल सिंह पूर्व आईपीएस और हरदीप सिंह पुरी पूर्व आईएफएस रहे हैं। अल्फांस को दिल्ली में डिमॉलिशन मैन के रूप में याद किया जाता है। वहीं, आरके सिंह बिहार में लालकृष्ण आडवाणी को गिरफ्तार करने के बाद चर्चा में आए थे। सत्यपाल सिंह मुंबई पुलिस के कमिश्नर रहे हैं। और बागपत से राष्ट्रीय लोकदल के अध्यक्ष चौधरी अजीत सिंह को हराया था।


तीन दिन से चल रही थी मैराथन बैठक
इससे पूर्व तीसरे फेरबदल से सरकार को ज्यादा युवा और ऊर्जावान बनाने के लिए मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को नाम तय करने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। इससे असहज हुए पार्टी के कुछ दिग्गजों ने बकायदा संघ के दरबार में उपेक्षा को लेकर गुहार भी लगाई है। उधर, सहयोगी दल जद (यू) की ओर से कहा गया कि उन्हें इस फेर-बदल के बारे में कोई सूचना ही नहीं है।

कैबिनेट में सहयोगी दल का कोई नहीं

जिन नौ चेहरों को मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है । उनमें सहयोगी दलों का कोई भी नहीं है। शिवसेना ने कैबिनेट विस्तार पर कहा कि ये सरकार का विस्तार नहीं है बल्कि बीजेपी कैबिनेट विस्तार हुआ है।

उम्र की वजह से दिया इस्तीफा: कलराज
शनिवार को केंद्रीय मंत्री कलराज मिश्र ने कहा कि उनकी उम्र 75 वर्ष से ज्यादा हो गई है इसलिए उन्होंने इस्तीफा दिया है। इस्तीफे को उनके प्रदर्शन से नहीं जोड़ा जाना चाहिए। इससे पहले शुक्रवार को बंडारू दत्तात्रेय ने इस्तीफे का एलान किया था। जबकि राजीव प्रताप रूडी सबसे पहले गुरुवार शाम इस्तीफे की बात स्वीकार कर चुके हैं।