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बिहार पत्रकार हत्याकांड में तेज प्रताप यादव को राहत, सीबीआई को नहीं मिले सबूत

13 मई, 2016 की रात पत्रकार राजदेव रंजन की सीवान में कार्यालय से लौटते समय गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
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Chandra Prakash Chourasia

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Mar 22, 2018

bihar Journalist murder

नई दिल्ली। पत्रकार राजदेव रंजन हत्याकांड में आरजेडी अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव के बेटे तेज प्रताप यादव को बड़ी राहत मिली है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट को बताया कि एजेंसी को पत्रकार राजदेव रंजन की हत्या के मामले में तेज प्रताप के खिलाफ कोई सबूत नहीं मिला है। सीबीआई ने चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा, जस्टिस ए.एम. खानविलकर और जस्टिस डी.वाई चंद्रचूड़ की पीठ को बताया कि दो आरोपियों मोहम्मद कैफ और जावेद के खिलाफ जांच चल रही है।

पत्रकार की पत्नी ने दी थी याचिका
सीबीआई ने यह बयान पत्रकार की विधवा आशा रंजन की याचिका पर दिया है। याचिका में बिहार के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री तेज प्रताप के खिलाफ जांच की मांग की गई थी। कोर्ट ने याचिका को खारिज करते हुए उन्हें बाद में किसी भी समय तेज प्रताप के खिलाफ कुछ भी मिलने पर पटना हाई कोर्ट में याचिका दायर करने की अनुमति दी है।

क्या है पत्रकार राजदेव रंजन हत्याकांड
13 मई, 2016 की रात पत्रकार राजदेव रंजन की सीवान में कार्यालय से लौटते समय गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उनकी पत्नी आशा यादव उर्फ आशा रंजन ने सीवान नगर थाने में अज्ञात हमलावरों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। पुलिस जांच में कई लोगों की संलिप्तता सामने आई थी। बाद में परिजनों की मांग पर मुख्यमंत्री ने इस मामले की जांच सितंबर 2016 में सीबीआई को सौंप दी थी। बिहार की मुख्य विपक्षी पार्टी बीजेपी ने इस हत्याकांड में शहाबुद्दीन के शामिल होने का भई आरोप लगाया था।