
केंद्रीय मंत्री बनेंगे जनक, आप विधायक अहिल्या, अहिरावण बनने बिहार से आएंगे लालू के विधायक
कुमार कुंदन @ नई दिल्ली.
सियासी मंच पर विधायक, मंत्री जैसे किरादार निभाने वाले धुर विरोधी दलों के दिग्गज नेता अगले कुछ दिनों रामलीला मंच पर रामायण के किरदार निभाते नजर आएंगे। राम की लीला को मंच पर उतारने वालों में केंद्रीय मंत्री, भाजपा सांसद और प्रदेशाध्यक्ष से लेकर मोदी सरकार को अक्सर घेरने वाली आम आदमी पार्टी की विधायक भी शामिल हैं।
दिल्ली के लालकिला मैदान में होने वाली रामलीला में इस बार ऐसे कई बड़े नेता भाग ले रहे हैं। केन्द्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री डा. हर्षवर्धन राजा जनक बनेंगे तो केन्द्रीय सामाजिक अधिकारिता राज्य मंत्री विजय सांपला हिमालय की भूमिका में होंगे। इसी तरह भाजपा दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी अंगद की भूमिका में रावण की सभा में पांव जमाएंगे। तिवारी पिछली बार भी रामलीला के मंच पर अंगद के रोल में ही दिखे थे।
लालू के विधायक बनेंगे अहिरावण
दिल्ली विधानसभा में सरकार पर सबसे मुखर हमला बोलने वाले नेता प्रतिपक्ष विजेन्द्र गुप्ता अत्रि ऋषि का रोल करेंगे। वहीं, राज्य की सत्तारुढ़ आम आदमी पार्टी की विधायक अलका लांबा देवी अहिल्या की भूमिका में होंगी। चारा घोटाले में जेल की सजा काट रहे लालू प्रसाद की राष्ट्रीय जनता दल के विधायक संजय यादव अहिरावण का किरदार करते नजर आएंगे। संजय बिहार के करकटा से राजग विधायक हैं। वे पहली बार रामलीला में शामिल होंगे। संजय मेघनाद बनना चाहते हैं लेकिन उनको अहिरावण का रोल मिला।
लालू के विधायक को नहीं मिला मेघनाद का रोल
रामलीला के लिए ये नेता बाकायदा अभ्यास भी कर रहे हैं। विजेंद्र गुप्ता कहते हैं इस महापर्व में भावनात्मक रूप से जनता से जुडऩे का बेहतर अवसर मिलता है। उन्होंने कहा कि रामलीला करना अथवा देखना दोनों का एक ही मकसद है भगवान श्रीराम को घर-घर पहुंचाना। लवकुश रामलीला कमेटी के अध्यक्ष अशोक अग्रवाल ने बताया कि रामलीला में इस बार अहिल्या का रोल अलका लांबा निभाएंगी। अलका लांबा चांदनी चौक से विधायक हैं और राजस्थान विधानसभा चुनाव की तैयारियों में उन्हें बड़ी जिम्मेदारी दी गई है।
बचपन में करता था रामलीला: डॉ. हर्षवर्धन
डॉ. हर्षवर्धन ने बताया, बचपन से ही उन्हें रामलीला का बेहद शौक था। मोहल्ले की रामलीला में वे हनुमान का किरदार निभाते थे। वे कहते हैं कि इस बार जिस किरदार को निभाने का मौका मिला है वह भी काफी प्रासंगिक है।
Updated on:
11 Oct 2018 11:41 am
Published on:
11 Oct 2018 11:41 am
