
कांग्रेस-बीजेपी नहीं चाहती गरीबों के बच्चे अमीरों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलें।
नई दिल्ली। दिल्ली की शिक्षा व्यवस्था में पिछले पांच से छह सालों में शिक्षा क्षेत्र में जो काम हुआ है उसे क्रांतिकारी कहा जा सकता है। अब गरीबों के बच्चे भी फर्राटे की अंग्रेजी बोल रहे हैं। वे इंजीनियर और डॉक्टर बन रहे हैं। सरकारी स्कूल के बच्चे अमीरों के बच्चों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर बढ़ रहे हैं।
गरीबों से भेदभाव का आरोप लगाया
सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि आजादी के बाद से दो पार्टियों ने इस देश पर राज किया। दोनों शिक्षा व्यवस्था को जान बूझकर गरीब और अनपढ़ रखा। ये चाहते थे कि ये बच्चे अनपढ़ और गरीब रहेंगे तो अमीरों को अपनी फैक्ट्रियों और घरों के लिए सस्ते मज़दूर मिल सकेंगे। जबकि देश में गरीबों का उत्थान जरूरी है। तभी जाकर देश का उत्थान संभव है। विकास के मायने तभी सार्थक होंगे जब गरीबों को बेहतर करने का अवसर मिले।
देशभक्ति का पाठ पढ़ाना जरूरी
इससे पहले एक मीडिया एजेंसी से बातचीत में दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने कहा था कि स्कूलों में बच्चों को देशभक्ति का पाठ पढ़ाना जरूरी है। ऐसा इसलिए है कि ढेर सारे लोग अब देश विरोधी बात करने लगे हैं। लेकिन जानकारी के अभाव में उन्हें इस बात का अहसास ही नहीं होता।
Updated on:
10 Mar 2021 03:22 pm
Published on:
10 Mar 2021 02:55 pm
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