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नहीं रहे ‘दादा’… जिस बारामती को बनाया अपना गढ़ वहीं ली अंतिम सांस, आखिरी पलों में क्या हुआ?

Ajit Pawar Death: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के विमान के साथ बुधवार सुबह बारामती हवाई पट्टी पर लैंडिंग के दौरान बड़ा हादसा हो गया। इस हादसे मीन 66 वर्षीय एनसीपी प्रमुख की मौत हो गई।

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मुंबई

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Dinesh Dubey

Jan 28, 2026

महाराष्ट्र की राजनीति के एक युग का अंत हो गया है। राज्य के उपमुख्यमंत्री अजित पवार का बुधवार सुबह बारामती एमआईडीसी (MIDC) क्षेत्र में भीषण विमान हादसे में निधन हो गया। जिला परिषद चुनाव के प्रचार के लिए मुंबई से बारामती आ रहे 66 वर्षीय अजित पवार का विमान लैंडिंग के दौरान क्रैश हो गया। इस हृदयविदारक घटना में अजित पवार सहित विमान में सवार सभी 5 लोगों की मौत हो गई।

कैसे हुआ हादसा?

हादसे के समय मौके पर मौजूद नागरिकों ने उस खौफनाक मंजर को बयां किया है। एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया, "हमने अपनी आँखों से विमान को नीचे आते देखा। शुरुआत में लगा कि वह रनवे पर उतर रहा है, लेकिन अचानक विमान अनियंत्रित हो गया। रनवे से लगभग 100 फीट पहले ही वह जमीन से टकराया और 3-4 जोरदार धमाके हुए।"

प्रत्यक्षदर्शियों का दावा- दूर तक उड़े विमान के टुकड़े

एक महिला प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि विमान पहले गांव के ऊपर से गुजरा और फिर अचानक मुड़कर जमीन से जा टकराया। धमाका इतना शक्तिशाली था कि विमान के परखच्चे उड़ गए और उसके टुकड़े लोगों के घरों तक जा गिरे।

लोगों ने की मदद की कोशिश

हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोग तुरंत मदद के लिए दौड़े, लेकिन विमान में आग इतनी तेजी से लगी कि कोई भी पास जाने की हिम्मत नहीं जुटा सका। देखते ही देखते सब कुछ जलकर खाक हो गया।

अजित पवार आज बारामती के ग्रामीण इलाकों में चार महत्वपूर्ण चुनावी सभाओं को संबोधित करने वाले थे। वे सुबह मुंबई से पूरी तैयारी के साथ निकले थे, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। उनके निधन की खबर फैलते ही पूरे महाराष्ट्र में शोक की लहर दौड़ गई है। पुणे में बाजार बंद हो गए हैं और समर्थक भारी संख्या में बारामती की ओर रुख कर रहे हैं।

बारामती था गढ़, वहीं ली अंतिम सांस

अजित पवार ने राजनीति में कदम 1982 में रखा, जब उनकी उम्र महज 20 वर्ष थी। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत एक चीनी सहकारी संस्था का चुनाव लड़कर की। वर्ष 1991 में वे पुणे जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष बने और करीब 16 वर्षों तक इस पद पर रहे। इसी साल वे बारामती से लोकसभा के लिए चुने गए, लेकिन अपने चाचा शरद पवार के लिए उन्होंने यह सीट छोड़ दी और बाद में महाराष्ट्र विधानसभा के सदस्य बने।

इसके बाद 1992 से 1993 के बीच अजित पवार को कृषि और बिजली राज्य मंत्री की जिम्मेदारी सौंपी गई। बारामती विधानसभा क्षेत्र से उनका राजनीतिक दबदबा लगातार मजबूत होता गया और वे 1995, 1999, 2004, 2009 और 2014 में लगातार जीत दर्ज करते रहे। अपने लंबे राजनीतिक करियर के दौरान उन्होंने उपमुख्यमंत्री, वित्त मंत्री, कृषि, बागवानी, बिजली और जल संसाधन जैसे अहम विभागों को संभाला और राज्य की राजनीति में एक प्रभावशाली नेता के रूप में पहचान बनाई।

जांच के आदेश

नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने इस विमान दुर्घटना की जांच के आदेश दे दिए हैं। शुरुआती जांच में तकनीकी खराबी की आशंका जताई जा रही है। मौके पर बचाव दल और फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स पहुंच चुके हैं। इस हादसे में अजित पवार के निधन की पुष्टि होते ही राजनीतिक और सामाजिक जगत में शोक की लहर दौड़ गई। उनके समर्थकों और सहयोगियों में गहरा दुख है। मुख्यमंत्री और मंत्रिमंडल के अन्य सदस्य भी बारामती के लिए रवाना हो गए हैं।

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