
नई दिल्ली। महाराष्ट्र में चल रहे सियासी घटनाक्रम ने दोपहर में एक बार फिर रोचक मोड़ ले लिया। बीजेपी की अहम बैठक के बाद सीएम देवेंद्र फडणवीस ने एक प्रेसवार्ता की। इस प्रेसवार्ता में उन्होंने अपने इस्तीफे का ऐलान कर दिया। फडणवीस ने कहा कि जनता ने बीजेपी-शिवसेना को जनादेश दिया लेकिन शिवसेना हमसे चर्चा की बजाए एनसीपी से चर्चा की।
इस दौरान फडणवीस ने ये भी कहा कि हमने कभी भी शिवसेना को ढाई-ढ़ाई साल सीएम का ऑफर नहीं दिया था। बहरहाल हमारे पास बहुमत नहीं है। अजित पवार ने जो वादा किया था वो उससे मुकर गए। ऐसे में मैं इस्तीफा दे रहा हूं। अब हम नई सरकार को काम करना सिखाएंगे।
यही नहीं फडणवीस ने ये भी कहा कि चुनाव से पहले ही शिवसेना ने कहा था कि चुनाव के बाद उन्हें सीएम पद के लिए जो भी समर्थन देगा हम उसके साथ चले जाएंगे।
देवेंद्र फडणवीस ने महाराष्ट्र की जनता का आभार माना जिन्होंने बीजेपी को 105 का आंकड़ा देकर भरोसा जताया।
दरअसल इससे पहले एनसीपी लगातार अजित पवार से डिप्टी सीएम पद से इस्तीफा देने की बात कह रही थी। इसी को लेकर उन्होंने सुबह शरद पवार, सुप्रिया सुले और देवेंद्र फडणवीस के साथ-साथ भाई श्रीनिवास से भी बातचीत की थी।
इन मुलाकातों के बात उनके इस्तीफे की खबरें सामने आ गईं। बहरहाल बहुमत साबित करने में जुटी बीजेपी के अचानक यू टर्न लेने से भी महाराष्ट्र की राजनीति में भूचाल आ गया है। आखिर ऐसी क्या वजह रही कि बीजेपी ने बहुमत साबित करने से पहले ही हार मान ली है। इन प्रश्नों का जवाब देवेंद्र फडणवीस ने अपनी प्रेसकॉन्फ्रेंस में दिया।
उन्होंने साफ किया कि हमारे पास फिलहाल बहुमत नहीं है। फडणवीस ने शिवसेना पर धोखा देने का आरोप भी लगाया। यही नहीं उन्होंने तीनों दलों के गठबंधन की ओर से कुछ भी तय नहीं हो पाने की बात भी कही। फडणवीस ने कहा कि शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस को काफी समय मिला, लेकिन उन्होंने सरकार नहीं बनाई। जैसे ही बीजेपी ने सरकार बनाई तो तीनों दलों को दिक्कत हो गई।
आपको बता दें कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद बीजेपी को बहुमत साबित करने के लिए 30 घंटे का वक्त दिया गया था। इसके बाद से ही बीजेपी अपनी सरकार बचाने की कवायद में जुटी थी, लेकिन दोपहर में अचानक सीमकरण बदले और देवेंद्र फडणवीस के इस्तीफे की बात सामने आ गई।
Updated on:
27 Nov 2019 07:34 am
Published on:
26 Nov 2019 02:54 pm
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