26 जनवरी 2026,

सोमवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

अमित शाह के खिलाफ चुनाव आयोग पहुंची कांग्रेस, राज्यसभा सदस्यता निलंबित करने की मांग

कांग्रेस ने बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के खिलाफ चुनाव आयोग से आपराधिक मामला चलाने की मांग की है।

2 min read
Google source verification

image

Chandra Prakash Chourasia

Aug 13, 2018

Amit Shah

अमित शाह के खिलाफ चुनाव आयोग पहुंची कांग्रेस, राज्यसभा सदस्यता निलंबित करने की मांग

नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष अमित शाह पर राज्यसभा चुनाव के समय अपने शपथ पत्र में देनदारियों का ब्यौरा जानबूझकर छिपाने का आरोप लगा है। कांग्रेस पार्टी ने शाह के खिलाफ चुनाव आयोग से आपराधिक मामला चलाने की मांग की है। कांग्रेस ने कहा कि अमित शाह ने ऐसा करके जन प्रतिनिधि कानून की धारा 125 ए के तहत अपराध किया है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबित कांग्रेस ने बीजेपी अध्यक्ष की राज्यसभा सदस्या सस्पेंड करने की भी मांग की है।

'शाह के खिलाफ शुरू हो आपराधिक प्रक्रिया'

कांग्रेस नेता कहा कि मीडिया में इस संबंध में आईं खबरों के अनुसार बीजेपी अध्यक्ष ने अपनी संपत्तियों और देनदारियों का पूरा विवरण जानबूझकर नहीं दिया है और ऐसा कर उन्होंने जन प्रतिनिधि कानून की धारा 125 ए के तहत अपराध किया है। आयोग को जानबूझकर छिपाई गई इस जानकारी को लेकर उनके खिलाफ आपराधिक प्रक्रिया शुरू करनी चाहिए।

यह भी पढ़ें: प्लास्टिक के तिरंगे के इस्तेमाल पर रोक, गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों को लिखा खत

कांग्रेस ने चुनाव आयोग को सौंपा ज्ञापन

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल, अभिषेक मनु सिंघवी, विवेक तन्खा तथा जयराम रमेश ने सोमवार को इस संबंध में यहां चुनाव आयोग को एक ज्ञापन सौंपा। उन्होंने कहा कि जन प्रतिनिधि कानून 2004 के अनुच्छेद 75 ए के तहत चुनाव लड़ने वाले व्यक्ति को अपनी शैक्षिक योग्यता, संपत्ति और देनदारियों का शपथ देकर पूरे विवरण के साथ अनिवार्यरूप से सार्वजनिक करना होता है।

कांग्रेस के निशाने पर शाह के बेटे की कंपनी

सिब्बल ने कहा कि खबरों के अनुसार बीजेपी अध्यक्ष के बेटे जय शाह ने कुसुम फिनसर्व नाम की अपनी नई कंपनी बनाई और इसके लिए अपने पिता की सम्पत्ति गिरवी रखकर गुजरात कोपरेटिव बैंक से 25 करोड़ रुपए का ऋण लिया था। उन्होंने कहा कि यह देनदारी है। क्योंकि 25 करोड़ का ऋण तब ही मिलता है जब इसके लिए सम्पत्ति गिरवी रखी जाती है। इसका मतलब है कि निश्चित रूप से आपको पैसा लौटाना पड़ेगा और जो पैसा लौटाना होता है वह देनदारी है।

बीजेपी अध्यक्ष पर जानबूझ कर जानकारी नहीं देना का आरोप

कांग्रेस ने कहा कि आयोग से शिकायत की गई है कि शाह ने इस बात का उल्लेख अपने शपथ पत्र में नहीं किया है और यह 2004 के नियम का उल्लंघन किया है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि बीजेपी अध्यक्ष ने जानबूझकर नियमों का उल्लंघन किया है और राज्यसभा के लिए दायर शपथ पत्र में इस देनदारी का विवरण नहीं दिया है। आयोग को उनकी इस याचिका को राज्यसभा के सभापति को भी भेजना चाहिए ताकि राज्यसभा भी उनके खिलाफ कार्रवाई शुरु की जा सके। उन्होंने कहा कि आयोग ने भरोसा दिया है कि वह इस मामले पर विचार करेगा और जल्द से जल्द फैसला लेकर जो जरूरी होगा कार्रवाई की जाएगी।