
नई दिल्ली। सोमवार को मोदी सरकार की ओर से गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में दूसरी बार नागरिकता संशोधन विधेयक 2019 पेश किया। इस बिल का कांग्रेस समेत 11 विपक्षी दलों ने विरोध किया है। विपक्षी सदस्यों के हंगामें के बीच कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि यह विधेयक केवल देश में अल्पसंख्यक समुदाय को निशाना बनाने का जरिया है।
कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी ने मोदी सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि केंद्र सरकार अल्पसंख्यकों को नुकसान पहुंचाने पर उतारू है।
अमित शाह बोले- वॉकआउट मत करना
इसका जवाब देते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि मैं हर सवाल का जवाब दूंगा। तब तक वॉकआउट मत कर जाना। यह विधेयक अल्पसंख्यकों के .001% भी खिलाफ नहीं है।
11 विपक्षी दलों ने किया बिल का विरोध
बता दें कि कांग्रेस समेत 11 विपक्षी दल धार्मिक आधार पर भेदभाव का आरोप लगाकर बिल का विरोध किया है। उनकी मांग है कि नेपाल और श्रीलंका के मुस्लिमों को भी इसमें शामिल किया जाए। कांग्रेस, शिवसेना, तृणमूल कांग्रेस, द्रमुक, सपा, बसपा, राजद, माकपा, एआईएमआईएम, बीजद और असम में भाजपा की सहयोगी अगप विधेयक का विरोध कर रही हैं।
अकाली दल, जदयू और अन्नाद्रमुक सरकार के साथ हैं। बिल का असम और अन्य पूर्वोत्तर राज्यों में भी विरोध है। ऐसे में मोदी सरकार के लिए बिल को संसद पास कराना चुनौती होगा।
Updated on:
10 Dec 2019 08:35 am
Published on:
09 Dec 2019 01:40 pm
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