
नई दिल्ली। देशभर में दलितों को लेकर इन दिनों राजनीति अपने चरम पर है। एससी-एसटी एक्ट में बदलाव में देशभर में कोहराम मचा हुआ है। दलितों पर कथित अत्याचार के विरोध में कांग्रेस देशभर में दलितों के लिए उपवास कर रही है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी खुद बापू के समाथि स्थल राजघाट पर अनशन पर बैठे। इसी बीच कांग्रेस नेताओं की एक तस्वीर वायरल हुई है, जिसमें दिल्ली कांग्रेस के कई दिग्गज नेता अनशन से पहले छोले-भटूरे खाते दिख रहे हैं।
अनशन से पहले पेटपूजा!
बीजेपी नेता हरीश खुराना एक तस्वीर ट्वीट की है। जिसमें दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष अजय माकन, हारुन युसुफ, बीजेपी से कांग्रेस में शामिल हुए अरविंद सिंह लवली एक दुकान पर छोल-भटूरे खाते दिख रहे हैं। खुराना ने लिखा है कि वाह रे हमारे कांग्रेस के नेता, लोगोॆ को राजघाट पर अनशन के लिए बुलाया है और खुद एक रेस्तरां में बैठ कर छोले भटूरे के मजे ले रहे हो। सही मूर्ख बनाते हो।
ये उपवास या उपहास ?
कांग्रेस नेताओं की ये तस्वीर सोशल मीडिया पर आई को वायरल हो गई। दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष और सांसद मनोज तिवारी ने भी हरीश खुराना के इस तस्वीर को रिट्वीट किया है। तिवारी ने लिखा है कि उप्स... कांग्रेसी पकड़े गए। राहुल गांधी जी, उपवास या उपहास? 3 घंटे भी बिना 'खाए' नहीं रह पाए।
'खाना नहीं देश चलाने पर ध्यान दे बीजेपी'
तस्वीरें जब मीडिया में आईं को खुद लवली ने आकर सफाई दी। उन्होंने कहा कि ये अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल नहीं है। वायरल हो रही तस्वीर सुबह8 बजे के पहले की है, जबकि अनशन 10.30 से 4.30 बजे तक है। भाजपा को देश चलाने के बजाए हमारे खाने पर ध्यान लगा रही है।
कांग्रेस ने बीजेपी पर लगाया आरोप
बता दें कि दलित मुद्दों को लेकर कांग्रेस समेत पूरा विपक्ष केंद्र सरकार को घेरने की तैयारी में जुटा है। इसी कड़ी में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी राजघाट पहुंचकर सबसे पहले महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी। राहुल गांधी के साथ कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे, अशोक गहलोत , शीला दीक्षित समेत कई नेता मौजूद रहे। राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष अगर एकजुट हो जाए तो पीएम मोदी काशी भी हार जाएंगे। कांग्रेस का आरोप है कि बीजेपी सरकार समाज को जातियों एवं वर्गों में बांटने का काम कर रही है। एक पार्टी के निजी स्वार्थ के कारण देश का सामाजिक ताना-बाना बिगड़ जाए, यह किसी को मंजूर नहीं है। सत्ता जनता की भलाई के काम करने के बजाय अपनी विचारधारा थोपने में लग जाए, यह बेहद खतरनाक स्थिति है।
Updated on:
10 Apr 2018 09:48 am
Published on:
09 Apr 2018 03:40 pm
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