कांग्रेस-एनसीपी के नेता उद्धव ठाकरे के कार्यक्रम का करेंगे बहिष्कार, बीएमसी का रवैया असहनीय

  • गठबंधन दलों के बीच तकरार अभी तक नहीं बढ़ा
  • सीएम उद्धव ठाकरे के एक कार्यक्रम को लेकर मतभेद खुलकर आए सामने

By: Mohit Saxena

Updated: 26 Jan 2020, 09:08 AM IST

नई दिल्ली। महाराष्ट्र में शिवसेना-कांग्रेस-एनसीपी सरकार में गठबंधन दलों के बीच जारी तकरार खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। अब मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के एक कार्यक्रम को लेकर नया विवाद खुलकर सामने आ गए हैं। इस कांग्रेस और एनसीपी के नेताओं ने कार्यक्रम का बहिष्कार करने का फैसला किया है। इस कार्यक्रम को लेकर गठबंधन सरकार में शामिल दलों के बीच विवाद पहले से ज्यादा बढ़ गया है।

विवाद का विषय बीएमसी के महालक्ष्मी स्थित दो ओवर ब्रिज, लोअर परेल स्थित एक ओवर ब्रिज का भूमिपूजन, रानीबाग में जानवरों और पक्षियों के फ्री बर्ड कॉरिडोर का लोकार्पण और मियावाकी पद्धति से शहरी वनीकरण का शुभारंभ मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे आज करने जा रहे हैं। यहां तक तो सबकुछ ठीक है लेकिन भूमिपूजन और लोकार्पण कार्यक्रम की निमंत्रण पत्रिका और विज्ञापन में बीएमसी गुट नेताओं सहित समिति अध्यक्षों का नाम न होना विवाद का विषय बन गया है ।

उद्घव ठाकरे की इस नीति से नाराज बीएमसी में कांग्रेस के नेता विपक्ष रवि राजा, समाजवादी पार्टी के गुट नेता रईस शेख और एनसीपी की गुट नेता राखी जाधव ने उद्धव ठाकरे के कार्यक्रम का बहिष्कार करने का फैसला किया है। इससे एक बार फिर बीएमसी में महाविकास अघाड़ी में मतभेद खुल कर सामने आ गए हैं।

बता दें कि राज्य की सत्ता में शिवसेना के साथ कांग्रेस-एनसीपी साझीदार है। तीनों दलों ने सत्ता संचालन के लिए महाविकास अघाड़ी का गठन किया है। जबकि समाजवादी पार्टी ने समर्थन दिया है। राज्य की सत्ता में साझीदार होने के बावजूद बीएमसी में तीनों दलों के बीच तालमेल नहीं दिखाई देता है।

रवि राजा ने इस पर नाराजगी जताते हुए कहा कि बीएमसी प्रशासन का यह रवैया पूरी तरह से असहनीय है। इस संबंध में कांग्रेस-एनसीपी-एसपी गुट नेताओं ने महापौर किशोरी पेडणेकर को संयुक्त पत्र लिख कर अपनी नाराजगी जाता दी है।

बीएमसी में विज्ञापन पर सवाल
इससे पहले महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राज्य सरकार के विज्ञापनों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का फोटो न इस्तेमाल किए जाने पर नाराजगी जताई थी और मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को इस संबंध में पत्र लिख कर प्रोटोकॉल पालन करने की नसीहत दी थी। बीएमसी के कार्यक्रम में अतिथियों के साथ समितियों के अध्यक्ष और गुट नेताओं के नाम पत्रिका और विज्ञापन में छापे जाते थे।

इस बार इनके नाम को जगह नहीं दी गई है। जबकि नगर विकास मंत्री एकनाथ शिंदे,असलम शेख और पर्यटन मंत्री आदित्य ठाकरे सहित बीएमसी कमिश्नर प्रवीण परदेशी के नाम को निमंत्रण पत्रिका और विज्ञापन में जगह दी गई है।

Mohit Saxena
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