
नई दिल्ली। महाराष्ट्र में लंबी जद्दोजहद के बाद शिवसेना ने एनसीपी और कांग्रेस के सहयोग से सरकार तो बना ली, लेकिन सरकार बनाने का पहला ही दिन शिवसेना के लिए चुनौतियों और कठिनाइयों से भरा हुआ साबित हुआ। उद्धव की सरकार के फर्स्ट डे, फर्स्ट शो की बात करें तो कांग्रेस ने उनकी सरकार के लिए एक नई परेशानी खड़ी कर दी है। ये परेशानी है कैबिनेट विस्तार को लेकर।
जी हां कांग्रेस ने उद्धव सरकार के सामने अपनी ऐसी डिमांड रख दी है जिसे पूरा करने में उद्धव को काफी परेशानी हो सकती है।
गुरुवार को उद्धव ठाकरे ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली जबकि तीनों दलों के दो-दो नेताओं ने भी मंत्रीपद की शपथ ली। समझौते के मुताबिक, डिप्टी सीएम का पद एनसीपी के पास रहेगा जिसके लिए किसी नाम पर अभी मुहर नहीं लग पाई है। लेकिन इस बीच खबर आ रही है कि गठंबधन सरकार में तीसरी पार्टी कांग्रेस ने अब डिप्टी सीएम पद पर अपना दावा ठोक दिया है।
इसके अलावा कांग्रेस ने एनसीपी-शिवसेना के सामने एक और मांग रखी है। शिवसेना-एनसीपी-कांग्रेस सरकार में सभी सहयोगियों को संतुष्ट करना मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के लिए बड़ी चुनौती हो सकती है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कई दौर की बैठकों के बावजूद नए कैबिनेट में विभागों के बंटवारे पर बात नहीं बन पाई है। एक कांग्रेस नेता के मुताबिक, 'सभी दलों ने गृह मंत्रालय, वित्त, शहरी विकास, राजस्व, हाउसिंग और को-ऑपरेशन मंत्रालय पर अपना-अपना दावा किया है। यही वजह है कि अब तक मंत्रिमंडल को लेकर साफ तस्वीर सामने नहीं आई है।
शरद पवार सुलझा सकते हैं उलझन
कांग्रेस की ओर से पैदा की गई इस नई उलझन का हल निकालने के लिए अब शरद पवार के सामने आ सकते हैं। कांग्रेस नेता ने उम्मीद जताई कि शरद पवार इस मामले में दखल देंगे।
अतिरिक्त कैबिनेट बर्थ की मांग
उधर...पूर्व सीएम पृथ्वीराज चव्हाण के स्पीकर का पद लेने से इनकार करने के बाद, कांग्रेस ने डिप्टी सीएम के पद पर अपना दावा ठोका है और साथ ही एक अतिरिक्त कैबिनेट बर्थ की मांग भी की है।
Updated on:
29 Nov 2019 03:56 pm
Published on:
29 Nov 2019 12:38 pm

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