
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे
मानसून सत्र के दौरान मणिपुर मुद्दे को लेकर जारी गतिरोध को तोड़ने के लिए मंगलवार को गृहमंत्री अमित शाह ने लोकसभा और राज्यसभा के विपक्ष के नेताओं को पत्र लिखा था। इस पत्र कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता विपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने पत्र का जवाब दिया हैं। अपने लिखे पत्र को सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए उन्होंने सरकार के नियत पर सवाल उठाए हैं।
मणिपुर पर बयान देने से प्रधानमंत्री को ठेस पहुंचेगा
प्रधानमंत्री जी से हम सदन में आकर मणिपुर पर बयान देने का आग्रह कर रहे हैं परंतु ऐसा लगता है कि उनका ऐसा करना उनके सम्मान को ठेस पहुंचाता है। हमारी इस देश की जनता के प्रति प्रतिबद्धता है और हम इसके लिए हर कीमत देंगे।
अमित शाह ने लिखा था पत्र
इससे पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ट्वीट कर इस बात की जानकारी दी थी कि उन्होंने दोनों सदनों के विपक्षी नेताओं को मणिपुर मुद्दे पर चर्चा के लिए पत्र लिखा है। अमित शाह ने बताया कि आज मैंने दोनों सदनों के विपक्षी नेताओं, लोकसभा के अधीर रंजन चौधरी और राज्यसभा के मल्लिकार्जुन खरगे को पत्र लिखकर मणिपुर मुद्दे की चर्चा में उनके अमूल्य सहयोग की अपील की। सरकार मणिपुर के मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है और पार्टी लाइन से ऊपर उठकर सभी दलों से सहयोग चाहती है। मुझे उम्मीद है कि सभी दल इस महत्वपूर्ण मुद्दे को हल करने में सहयोग करेंगे।
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माइक बंद करने का लगाया आरोप
कांग्रेस अध्यक्ष मलिकार्जुन खड़गे ने ट्वीट कर सदन के दौरान माइक बंद किए जाने के मामले पर गुस्सा जाहिर किया। कांग्रेस अध्यक्ष ने लिखा, “मैं अपने मुद्दे सदन के सामने रख रहा था, और जब 50 लोगों ने 267 पर नोटिस दिए , मुझे संसद में बोलने का मौका भी नहीं मिला। ठीक है, लेकिन कम से कम जब मैं बोल रहा हूँ तो मेरा माइक बंद कर दिया गया, ये मेरे सम्मान को धक्का है। ये मेरा अपमान हुआ है। मेरे सेल्फ रेस्पेक्ट को उन्होंने चुनौती दी है और सरकार के इशारे पर अगर सदन चला तो मैं समझूंगा कि लोकतंत्र नहीं है।”
Published on:
26 Jul 2023 03:32 pm
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