
गोवा को विशेष राज्य का दर्जा देने की उठी मांग, कांग्रेस लाएगी विधेयक
नई दिल्ली। आंध्र प्रदेश, बिहार के बाद अब गोवा के लिए भी विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग उठने लगी है। गोवा के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस विधायक लुइजिन्हो फलेरियो ने शनिवार को कहा कि वह राज्य विधानसभा के आगामी मॉनसून सत्र में निजी सदस्य विधेयक लाने जा रहे हैं। इस विधेयक के जरिए गोवा को विशेष दर्जा देने की मांग की जाएगी।
सुरक्षित होगी गोवा की विरासत: फलेरियो
लुइजिन्हो फलेरियो ने राज्य कांग्रेस मुख्यालाय में कहा कि संविधान के अनुच्छेद 375 के तहत गोवा जैसे छोटे राज्य की अपनी विशिष्ट पहचान, संस्कृति, परंपरा, विरासत और इसके परिदृश्य को बनाकर और सुरक्षित करने की आवश्यकता है। यह विधेयक गोवा के लिए विशेष दर्जे की मांग करने के लिए पहला कदम साबित होगा।
बीजेपी सरकार के पास पूरा मौका: फलेरियो
पिछले कुछ वर्षो से गोवा को विशेष दर्जा दिलाने की बातें राज्य की राजनीति और सामाजिक गलियारों में जोर पकड़ रही हैं। राज्य को तेजी से प्रवासन, भूमि संसाधनों की कमी और पहचान के कमजोर पड़ने जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। फलेरियो ने कहा कि अब वर्तमान सरकार राज्य को विशेष दर्जा दे सकती है, क्योंकि उसके पास संसद में पर्याप्त बहुमत है और उन्होंने न्यायिक उत्तरदायित्व विधेयक जैसे कई मामलों में ऐसा किया भी है। इस विधेयक को संसद द्वारा मंजूरी दे दी है।"
गोवा विधानसभा का 12 दिवसीय मॉनसून सत्र 19 जुलाई से शुरू होगा।
बिहार और आंध्र पर पीएम की सहमति
इससे पहले 17 जून को नीति आयोग की बैठक में आंध्रप्रदेश और बिहार जैसे राज्यों को विशेष दर्जा प्रदान पर केंद्र की ओर से सकारात्मक जवाब मिला है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई बैठक के बाद आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्रियों की बैठक को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कुछ राज्यों द्वारा विशेष दर्जा की मांग पर केंद्र सरकार का रुख स्पष्ट किया। उन्होंने विशेष दर्जा प्रदान करने की मांग पर कहा कि केंद्र सरकार राज्यों के बंटवारे के समय तय किए गए वैधानिक प्रावधानों को अक्षरश: पालन करने को प्रतिबद्ध है। प्रधानमंत्री ने खुद वैधानिक प्रावधानों का पालन करने का आश्वासन दिया।
Published on:
30 Jun 2018 08:54 pm
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