
नई दिल्ली। पंजाब कांग्रेस ( Punjab Congress Crisis ) में चल रही अंदरुनी कलह खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। अभी सीएम अमरिंदर सिंह ( Captain Amrinder Singh ) का कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू ( Navjot Singh Sidhu ) के साथ चल रहा तनाव खत्म भी नहीं हुआ कि उनके लिए एक और मुसीबत सामने आ गई है।
लुधियाना की एक स्थानीय अदालत की सीएम अमरिंदर सिंह के खिलाफ टैक्स चोरी मामले में प्रवर्तन निदेशालय को जांच की मंजूरी दे दी है। कोर्ट ने ED को पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के अलावा उनके बेटे रणिंदर सिंह ( Raninder Singh ) के खिलाफ भी चल रहे टैक्स चोरी मामलों में दस्तावेजों की जांच की अनुमति दी है।
पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की मुश्किलें इन दिनों बढ़ती जा रही हैं। एक तरफ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू से चल रहा विवाद आगामी चुनाव से पहले ही उनके लिए गले फांस बनता जा रहा है तो दूसरी तरफ अब ईडी को टैक्स चोरी मामले में मिली जांच की अनुमति उनकी परेशानी और बढ़ा सकती है।
रणिंदर सिंह को कोर्ट से झटका
दरअसल कोर्ट ने रणिंदर सिंह को बड़ा झटका देते हुए सितंबर 2020 के निचली अदालत के आदेश को चुनौती देने वाली उनकी याचिका को खारिज कर दिया है।
9 सितंबर को पेश होने का निर्देश
कैप्टन अमरिंदर सिंह के बेटे रणिंदर सिंह ने ED की ओर से फाइलों की जांच की अनुमति के खिलाफ याचिका दायर की थी। साथ ही अदालत ने इस मामले के पक्षकारों को 9 सितंबर को पेश होने के निर्देश भी दिए हैं।
ये है मामला
पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर और उनके बेटे रणिंदर के खिलाफ विदेशों में अघोषित संपत्ति छिपाने के तीन मामले दर्ज किए गए हैं।
इनमें से दो बेटे रणिंदर और एक कैप्टन अमरिंदर (Captain Amrinder Singh) के खिलाफ है। यह सभी मामले इनकम टैक्स की रिपोर्ट के आधार पर ED की ओर से दर्ज किए गए हैं। इन तीनों मामलों की सुनवाई लुधियाना की स्थानीय अदालत में हो रही है।
ED ने पिछले साल अगस्त के महीने में ही लुधियाना की कोर्ट में तीन आदेवन दायर कर मौजूदा मामलों में इनकम टैक्स की दायर दस्तावेजों की जांच की मांग की थी।
ED ने साल 2013 में 2016 में विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) के तहत रणिंदर के खिलाफ जांच शुरू की थी। इनकम टैक्स विभाग ने आरोप लगाया था कि रणिंदर ने कई ट्रस्टों के बारे में झूठ बोला है, जोकि वर्जिन आइलैंडों पर स्थित हैं।
बता दें कि फेमा उल्लंघन मामले में रणिंदर ईडी के सामने पेश भी हो चुके हैं।
ये है रणिंदर सिंह का पक्ष
रणिंदर सिंह ने जांच की अनुमति के आदेश को चुनौती देते हुए कहा कि ईडी के आवेदन को अनुमति देने से पहले संशोधनवादियों को सुनवाई का मौका ही नहीं दिया गया।
उन्होंने कहा कि ED के पास ट्रायल कोर्ट के सामने जांच के लिए आवेदन दायर करने का कोई अधिकार नहीं है।
Published on:
03 Sept 2021 10:23 am
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