
तमिलनाडु में हुई रिकॉर्डतोड़ वोटिंग (Photo-IANS)
Tamil Nadu Election Voting: तमिलनाडु में इस बार रिकॉर्ड तोड़ वोटिंग हुई है। इसके बाद सियासी बयानबाजी भी तेज हो गई है। प्रदेश में हुई वोटिंग प्रतिशत को लेकर सत्तारूढ़ पार्टी DMK की तरफ से भी प्रतिक्रिया सामने आई है। DMK प्रवक्ता सरवनन अन्नादुरई ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि वोटिंग प्रतिशत बढ़ने की असली वजह मतदाताओं की संख्या में कमी है, जिसे स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) के जरिए घटाया गया।
DMK प्रवक्ता ने कहा कि वोटिंग प्रतिशत इसलिए ज्यादा दिख रहा है क्योंकि डिनॉमिनेटर कम हो गया है। यह साधारण गणित है। पहले वोटर्स की संख्या घटा दी गई और अब हाई टर्नआउट का श्रेय लिया जा रहा है। यह कोई असामान्य बात नहीं है।
इस दौरान उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि वह एक ऐसी चीज का क्रेडिट ले रहे हैं जो स्वाभाविक रूप से होती है। DMK प्रवक्ता ने कहा कि ऐसा होना ही है। हर इलेक्शन में 40-50 लाख लोग जुड़ते हैं क्योंकि उम्र बढ़ गई है। यह 2001 से हो रहा है। इसलिए, एलिजिबल वोटर्स की संख्या में बढ़ोतरी हुई है।
DMK प्रवक्ता ने कहा कि 2001 में 4.74 करोड़ वोटर थे और उस समय 2.80 करोड़ वोटिंग रिकॉर्ड हुई थी। इसके बाद 2006 में 3.28 करोड़ वोट पड़े, 2011 में 3.68 करोड़, 2016 में 4.32 करोड़, 2021 में 4.58 करोड़ और अब 2026 में यह पक्का 5 करोड़ के आसपास हो जाएगा। यही लॉजिक है। चीफ इलेक्शन कमिश्नर इसका क्रेडिट लेने की कोशिश कर रहे हैं, जो सबसे बड़ा मजाक है।
प्रदेश में विधानसभा चुनाव के दौरान कई जिलों में रिकॉर्डतोड़ वोटिंग हुई। करूर में 89.32 प्रतिशत, सलेम में 88.02 प्रतिशत, इरोड में 87.59 प्रतिशत, धर्मपुरी में 87.28 प्रतिशत, तिरुप्पुर में 86.33 प्रतिशत मतदान हुआ। इसके अलावा चेन्नई में 81.34 प्रतिशत, मदुरै में 77.89 प्रतिशत और तूतीकोरिन 77.56 प्रतिशत मतदान हुआ।
चुनाव आयोग के अनुसार शाम 5 बजे तक राज्य में 82.24% मतदान दर्ज किया गया। तमिलनाडु की 234 विधानसभा सीटों पर मतदान शाम 6 बजे संपन्न हुआ, जबकि मतगणना 4 मई को होगी।
Updated on:
24 Apr 2026 09:55 am
Published on:
24 Apr 2026 09:54 am
बड़ी खबरें
View Allराष्ट्रीय
ट्रेंडिंग
