
नई दिल्ली। कोरोना वायरस ( coronavirus ) नियंत्रण के मुद्दे पर केंद्र और पश्चिम बंगाल सरकार ( West Bengal Government ) एक बार फिर टकराव की राह पर है। गृह मंत्रालय ( MHA ) की ओर से ममता बनर्जी ( Mamata Banerjee ) को लिखे खत में कोरोना को लेकर लगाए गए सभी आरोपों को सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ( TMC ) ने पूरी तरह से खारिज कर दिया है।
तृणमूल कांग्रेस ( TMC ) के नेताओं ने केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला द्वारा लगाए गए आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि वह दिल्ली में अपने राजनीतिक आकाओं को खुश करने का काम कर रहे हैं। भल्ला पश्चिम बंगाल सरकार पर गलत आरोप लगा रहे हैं। भल्ला ने आरोप लगाया था कि पश्चिम बंगला सरकार भारत-बांग्लादेश सीमा के माध्यम से आवश्यक वस्तुओं की आवाजाही नहीं होने दे रही है।
इन आरोपों को पूरी तरह से खारिज करते हुए वरिष्ठ टीएमसी नेता और सांसद सौगत रॉय ने कहा कि केंद्र सरकार ममता सरकार के खिलाफ राजनीतिक खेल कर रही है। नौकरशाहों की सेवाओं का अपने हित में इस्तेमाल करना गलत है। गृह मंत्रालय के अधिकारियों को पता है कि राज्य सरकार ने बाग्लादेश की सीमाओं से कार्गो मूवमेंट का कभी विरोध नहीं किया।
हकीकत यह है कि बांग्लादेश सीमा से कार्गों मूवमेंट के खिलाफ स्थानीय लोगों को लंबे अरसे से अंदोलन कर रहे हैं। बांग्लादेश के रास्ते कार्गो मूवमेंट नहीं होने के पीछे मुख्य वजह लोगों का विरोध है।
प्रदेश सरकार लोगों के खिलाफ पुलिस बल का प्रयोग नहीं करना चाहती। इस बारे में प्रदेश सरकार की स्थानीय लोगों के साथ बातचीत जारी है। ताकि बांग्लादेश के रास्ते कार्गों सेवाओं की शुरुआत हो सके। उन्होंने कहा कि गृह सचिव भल्ला का आरोप तथ्यों से परे है और राजनीति से प्रेरित है।
जहां तक COVID-19 9 प्रबंधन का सवाल है तो पश्चिम बंगाल का इस मामले में बेहतर प्रदर्शन है। पश्चिम बंगाल संक्रमित राज्यों में 10 वें स्थान पर है लेकिन केंद्र की ओर से नियमित रूप से ममता सरकार को निशाना बनाया जा रहा है। जबकि गुजरात और मध्य प्रदेश के राज्यों को पत्र नहीं भेजे जा रहे हैं।
वरिष्ठ टीएमसी नेता ने कहा के कोरोना वायरस की कम टेस्टिंग के लिए केंद्र सरकार दोषी है। मोदी सराकर ने पश्चिम बंगाल को न केवल कम संख्या में किट दी है बल्कि चीन से आयातित दोषपूर्ण किट केंद्र ने राज्य सरकार को मुहैया कराने का काम किया है।
बता दें कि केंद्रीय गृह सचिव ने ममता बनर्जी को लिखे पत्र में आरोप लगाया था कि कोरोना वायरस महामारी का मूल्यांकन करने पहुंची आईएमसीटी टीम के साथ सहयोग नहीं किया। पश्चिम बंगाल मं कोविद—19 मृत्यु दर 12.0 है जो देशभर में सर्वाधिक है। पश्चिम बंगाल सरकार पर ऐसा जन बूझकर कर रही है।
Updated on:
07 May 2020 05:20 pm
Published on:
07 May 2020 05:11 pm
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