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कोयला घोटाले में मधु कोड़ा समेत चारों आरोपियों को राहत, हाईकोर्ट ने सजा पर रोक लगाई

सीबीआई की विशेष अदालत ने कोयला घोटाले में 16 दिसंबर को फैसला सुनाया था। सभी आरोपियों को 3-3 साल की सजा सुनाई थी।

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Kapil Tiwari

Jan 02, 2018

Madhu koda

Madhu koda

नई दिल्ली:यूपीए सरकार में हुए कोयला घोटाले में सीबीआई की विशेष अदालत के द्वारा दोषी करार दिए गए सभी 4 आरोपियों को दिल्ली हाईकोर्ट से राहत मिली है। मंगलवार को दिल्ली हाईकोर्ट ने चारों आरोपियों की सजा पर रोक लगा दी है। आपको बता दें कि इस मामले में झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा समेत 4 आरोपियों को सीबीआई की विशेष अदालत ने 3-3 साल की सजा सुनाई थी, जिस पर हाईकोर्ट ने अब रोक लगा दी है। सजा के अलावा मधु कोड़ा पर 25 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया गया था।

कोड़ा समेत इन्हें सुनाई गई थी सजा
10 साल पुराने कोयला घोटाले में सीबीआई स्पेशल कोर्ट ने 16 दिसंबर को सजा का ऐलान किया था। फैसले के बाद सभी को दो महीने की अंतरिम जमानत भी मिल गई थी। यह घोटाला झारखंड में कोल ब्लॉक आवंटन से जुड़ा है। कोयला घोटाले में सजा पाए दोषियों में मधु कोड़ा, पूर्व कोयला सचिव एचसी गुप्ता, झारखंड के पूर्व मुख्य सचिव अशोक कुमार बसु, कोड़ा के करीबी विजय जोशी शामिल थे। कोर्ट ने प्राइवेट कंपनी विनी आयरन एंड स्टील उद्योग (वीआईएसयूएल) पर भी 50 लाख का जुर्माना ठोका था।

CBI कोर्ट ने लगाई थी ये धाराएं
उस समय स्पेशल जज भरत पाराशर ने मधु कोड़ा पर 25 लाख और एचसी गुप्ता पर एक लाख का जुर्माना लगाया था। इससे पहले सीबीआई ने चार्जशीट में कोड़ा और गुप्ता समेत चारों दोषियों के खिलाफ 120बी (आपराधिक साजिश), 420 धोखाधड़ी, 409 (सरकारी पद पर रहते हुए विश्वासघात) और भ्रष्टाचार विरोधी कानून के तहत आरोप लगाए थे।

बहुत छोटा रहा था कोड़ा का कार्यकाल
आपको बता दें कि निर्दलीय विधायक मधु कोड़ा 14 सितंबर 2006 से 27 अगस्त 2008 तक 709 दिन राज्य के मुख्मंत्री रहे थे। उन पर 4000 करोड़ के घोटाले का मामला दर्ज है। आयकर विभाग ने कोड़ा और साथियों के 79 ठिकानों पर छापेमारी की थी।

क्या है कोयला घोटाला?
यह केस झारखंड में राजहरा नॉर्थ कोल ब्लॉक के अलॉटमेंट से जुड़ा है। इस ब्लॉक को 2007 में कोलकाता की कंपनी विनी आयरन एंड स्टील उद्योग लिमिटेड (वीआईएसयूएल) को अलॉट किया गया था। आरोप है कि इसमें गड़बड़ियां की गईं।