
AIMIM नेता वारिस पठान के भड़काऊ बयान से सनसनी मची है।
नई दिल्ली। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन ( AIMIM ) के नेता वारिस पठान ( Waris Pathan ) के 'हम 15 करोड़ हैं और 100 करोड़ लोगों पर भारी हैं' वाले बयान से देश में सनसनी मची है। एक ओर जहां बीजेपी ने वारिस पठान और AIMIM के मुखिया असदुद्दीन ओवैसी ( Asaduddin Owaisi ) के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। वहीं, ओवैसी ने खुद वारिस पठान पर मीडिया से बात करने पर प्रतिबंध लगा दिया है। हालांकि, यह कोई पहला मौका नहीं है वारिस खान के इस बयान से विवाद खड़ा हुआ है। आइए जानते हैं आखिर कौन हैं वारिस पठान और अब तक का कैसा रहा है उनका सियासी सफर...
वारिस खान वर्तमान में AIMIM के राष्ट्रीय प्रवक्ता हैं। वारिस पठान पेश से एक वकील भी हैं और मुंबई के वाइकुला विधानसभा क्षेत्र से विधायक भी रह चुके हैं। चुनाव प्रचार के दौरान एक रैली वारिस पठान तलवार लहराते हुए भी नजर आ चुके हैं। इस पर भी काफी विवाद हुआ था।
इसके अलावा 16 मार्च 2016 को वो पहली बार तब चर्चा में आए जब उस वक्त भारतीय जनता पार्टी के विधायक राम कदम ने विधानसभा में उनसे भारत माता की जय का नारा लगाने को कहा। लेकिन, वारिस पठान ने भारत माता की जय नारा लगाने से इनकार कर दिया। जिसके बाद उन्हें देश और राष्ट्रवाद का अनादर करने के आरोप में सर्वसम्मति से महाराष्ट्र विधानसभा से निलंबित कर दिया गया था।
हालांकि, बाद में इस बयान पर सफाई देते हुए वारिस पठान ने कहा था कि मैं अपने वतन से मोहब्बत करता हूं। उन्होंने कहा था कि मैं यहां पैदा हुआ और यहीं मर जाऊंगा। वारिस पठान ने कहा कि जय हिंद, जय भारत, हिंदुस्तान जिंदाबाद का नारा लगाऊंगा लेकिन भारत माता की जय नहीं बोलूंगा। उन्होंने कहा कि मैं कभी भी अपने देश का अपमान करने का सपना भी नहीं देख सकता।
सिर्फ एक नारे से देश के लिए किसी के प्यार को मापा नहीं जा सकता। यहां आपको बता दें कि वारिस पठान का जन्म 29 नवंबर 1968 को मुंबई के बांद्रा में हुआ था। वारिस पठान अगस्त 1991 से कानूनी पेशे में हैं। महाराष्ट्र 2019 विधानसभा चुनाव में भी वारिस खान AIMIM के टिकट पर बायकुला विधानसभा सीट से चुनाव लड़े। लेकिन, शिवसेना की यामिनी यशवंत जाधव से उन्हें हार का सामना करना पड़ा। वारिस पठान का विवादों से पुरान नाता रहा है, लेकिन इस बार जो उन्होंने बयान दिया है उसने सनसनी मचा दी है।
गुरुवार को सामने आए वीडियो में वारिस पठान सीएए एनआरसी के विरोध में कर्नाटक में आयोजित एक जनसभा में बोल रहे थे। यहां उन्होंने कहा कि हमने ईंट का जवाब पत्थर से देना सीख लिया है। मगर हमको इकट्ठा होकर चलना पड़ेगा। आजादी लेनी पड़ेगी और जो चीज मांगने से नहीं मिलती है, उसको छीन लिया जाता है।
आगे उन्होंने कहा कि हम 15 करोड़ ही 100 करोड़ लोगों पर भारी हैं, यह बात याद रख लेना। हालांकि, इस बयान के बाद वारिस खान ने सफाई देते हुए कहा कि हमने देश और किसी धर्म के खिलाफ कुछ भी नहीं कहा है। सीएए के खिलाफ हर धर्म के लोग प्रदर्शन कर रहे हैं। बीजेपी के नेता तो गोली मारने की बात तक कहते हैं। बीजेपी देश के लोगों को अलग करना चाहती है। उन्होंने माफी मांगने से साफ इनकार कर दिया।
Updated on:
21 Feb 2020 04:56 pm
Published on:
21 Feb 2020 03:50 pm
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