
फारुक अब्दुल्ला ने कहा- 'इस बार धर्म और अमन के बीच सरकार बनाने वालों की लड़ाई है'
नई दिल्ली। जम्मू और कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कांफ्रेंस के प्रमुख फारुक अब्दुल्ला ने अजमेर में सुबह दरगाह की जियारत करने के बाद पत्रकारों से बातचीत में कहा कि इस बार सियासी लड़ाई धर्म के नाम पर देश को बांटने वालों और अमन की बात करने वालों के बीच है। उन्होंने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में महागठबंधन की बात करना गलत है। इस मुद्दे पर राजनीति करना भी ठीक नहीं है। सच यह है कि राजनीतिक दल अपने लिए सक्रिय हैं।
राजनीतिक हालात सही नहीं
उन्होंने कहा कि देश में जो राजनीतिक हालात हैं, वह सही नहीं है। उन्होंने आगामी लोकसभा चुनाव में किसकी सरकार बनेगी के सवाल पर कहा कि जो सरकार आएगी उसे जनता बनाएगी। धर्म के नाम पर टुकड़े करने वाले और अमन की सरकार बनाने वालों के बीच चुनावी लड़ाई चलेगी। उन्होंने राम मंदिर बनने की साफ शब्दों में वकालत करते हुए कहा कि भगवान राम किसी एक के नहीं विश्व के राम है। मोदी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि सत्ता में आने से पहले देश के दो करोड़ लोगों को नौकरी देने का वादा किया था जो पूरा नहीं किया। देश के किसानों की हालत खराब है, उद्योगपति देश छोड़कर भाग रहे हैं, फिर बेरोजगारों को रोजगार कहां से मिलेगा।
ममता की तारीफ
पश्चिम बंगाल के हालातों पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बंगाल में जो काम किया है, उससे वहां अमन है और तरक्की भी बहुत हुई है।
चुनाव के बाद होगी पाक से बात
फारुकअब्दुल्ला ने कश्मीर के हालातों में सुधार बताते हुए कहा है कि घाटी में अमन बनाए रखने के लिए पाकिस्तान के साथ बातचीत और समझौता करने की जरूरत है। कश्मीर के हालातों में सुधार हुआ है और घाटी में अमन बनाए रखने के लिए पाकिस्तान के साथ बातचीत और समझौता दोनों करना आवश्यक है। लोकसभा चुनाव के बाद पाकिस्तान के वजीर-ए-आजम इमरान खान के साथ बातचीत होगी इसका उन्हें पूरा भरोसा है।
Updated on:
11 Feb 2019 08:51 am
Published on:
11 Feb 2019 08:25 am
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