
नई दिल्ली। बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी बिहार विधान परिषद में प्रतिपक्ष नेता बनाई जा सकती हैं। बता दें कि बिहार विधान परिषद की 11 सीटों के लिए हुए चुनाव में राबड़ी देवी निर्विरोध चुनी गईं थी जिसके बाद सदन में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के सदस्यों की संख्या 9 हो गई है। इसी के मद्देनजर अब राबड़ी देवी को सदन में प्रतिपक्ष नेता बनाए जाने की संभावना प्रबल हो गई है।
बता दें कि राजद के प्रदेश अध्यक्ष एवं नवनिर्वाचित सदस्य रामचंद्र पूर्वे ने बताया कि अगले होने वाले शपथ ग्रहण के बाद पार्टी की ओर से एक प्रस्ताव बिहार विधान परिषद के कार्यकारी सभापति को भेजा जाएगा।
क्या है नियम
गौरतलब है कि बिहार विधानपरिषद के नियम के मुताबिक सदन में प्रतिपक्ष का नेता बनने के लिए दावा करने वाली पार्टी के सदन में कम से कम 10 सदस्य होने चाहिए। बता दें कि इससे पहले 9 सदस्य पूरे होने के साथ ही राजद नेता गुलाम गौस को नेता प्रतिपक्ष का दर्जा दिया जा चुका है।
कैसे पूरी होगी 10 की संख्या
आपको बता दें कि सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार राजद सदन में 10 की संख्या पूरा करने के लिए एनडीए छोड़कर विपक्ष के साथ आए हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (सेक्यूलर) के प्रमुख और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी को अपने पाले में ला सकती है। बता दें कि जीतन राम मांझी के बेटे संतोष मांझी विधान परिषद के लिए चुने गए हैं।
आपको बता दें कि बिहार विधानपरिषद में प्रतिपक्ष के नेता के तौर किसी अल्पसंख्यक समुदाय के सदस्य को चुने जाने का एक रिवाज रहा है, लेकिन क्या इस बार ऐसा होगा जबकि राजद सरकार से बाहर हो गई है और तेजस्वी और तेजप्रताप सरकार के हिस्सा नहीं हैं। बता दें कि विधान परिषद में इस समय राजद के पास मोहम्मद कमर आलम और खुर्शीद मोहसिन दो मुसलिम चेहरे हैं।
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कार्यकारी सभापति ने क्या कहा
आपको बता दें कि कार्यकारी सभापति मोहम्मद हारून रशीद ने कहा है कि यदि नए सदस्यों के शपथग्रहण के बाद सदन की दूसरी सबसे बड़ी पार्टी राजद की ओर से किसी सदस्य को प्रतिपक्ष नेता बनाने पर प्रस्ताव आएगा तब उसपर विचार किया जाएगा। बता दें कि राबड़ी देवी का कार्यकाल 6 मई को समाप्त हो रहा है जिसके बाद वह अगले कार्यकाल के लिए शपथ लेंगी। दरअसल बिहार विधानपरिषद में फिलहाल राबड़ी देवी को मिलाकर कुल 8 सदस्य हैैं जिसके लिए प्रतिपक्ष नेता का पद खाली है।
बिहार विधान परिषद में कितने सदस्य हैं
गौरतलब है कि बिहार विधानपरिषद में कुल 75 सीटें हैं। इसमें से रिक्त होने वाले 11 सीटों के लिए चुनाव हो चुके हैं। फिलहाल नए सदस्यों के साथ जदयू के 32, भाजपा के 22, राजद के 9, कांग्रेस के 3, भाकपा और लोजपा के 2-2, हम सेक्युलर और रालोसपा के 1-1 तथा निर्दलीय सहस्यों की संख्या 3 हैं।
Published on:
22 Apr 2018 03:37 pm
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