- महाराष्ट्र ( Maharashtra ) के पूर्व सीएम नारायण राणे ( Narayan Rane ) ने राज्यपाल से मिलकर राष्ट्रपति शासन की मांग की है - नारायण राणे ने कहा है कि उद्धव ठाकरे ( uddhav thackeray ) के पास कोरोना से लड़ने की क्षमता नहीं हैै
नई दिल्ली। भारत में महाराष्ट्र ( Maharashtra ) ऐसा राज्य है, जहां कोरोना वायरस ( Coronavirus ) ने सबसे ज्यादा तबाही मचाई है। पूरे देश में सबसे अधिक केस वाले इस राज्य के उद्धव सरकार पर शुरू से ही विपक्ष निशाना साध रहा है। इसी बीच महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा नेता नारायण राणे ( Narayan Rane ) ने राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ( Bhagat Singh Koshyari ) से मुलाकात की है। इस दौरान उन्होंने महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग की। उन्होंने कहा कि उद्धव सरकार के पास इस स्थिति से लड़ने की क्षमता नहीं है।
यह संकट नहीं संभाल सकती ठाकरे सरकार: नारायण राणे
बीजेपी नेता सोमवार को गवर्नर के आवास पर पहुंचे थे। राणे ने कहा, 'महाराष्ट्र की वर्तमान सरकार कोविड-19 से लड़ने में नाकाम साबित हो रही है। ठाकरे सरकार यह संकट नहीं संभाल सकती, उसके पास इसके लिए क्षमता ही नहीं है। यह सरकर इस लड़ाई में विफल रही है, इसलिए यहां राष्ट्रपति शासन लगा देना चाहिए।' नारायण राणे ने कहा कि कोरोना ने राज्य में गंभीर संकट पैदा किया है, और उद्धव ठाकरे सरकार लोगों की जान बचाने में सक्षम नहीं है।
स्थिति को गंभीरता से ले गवर्नर
इस मुलाकात के दौरान महाराष्ट्र के पूर्व सीएम ने कहा कि कोरोना के कारण राज्य में मरीज और मौतों की संख्या बढ़ रही है। राज्यपाल को इस स्थिति को गंभीरता से लेना चाहिए। उन्होंने कहा,'नगर निगम और राज्य के सरकारी अस्पतालों के हालात खराब हैं। कई मरीजों की मौत अस्पताल में एडमिट न किए जाने के कारण हो चुकी है। यह सरकार इस स्थिति को संभाल नहीं सकती।'
सेना के हवाले हों सरकारी अस्पताल
राणे ने महाराष्ट्र सरकार पर निशाना साधते हुए नगरपालिका और राज्य के सरकारी अस्पतालों को सेब के हवाले करने का सुझाव दिया। उन्होंने गवर्नर से इस संबंध में आदेश जारी करने की मांग की। आपको बता दें कि राज्य में 50 हजार से ज्यादा कोरोना के मरीज सामने आ चुके हैं। ऐसे में राज्य की मुख्य विपक्षी दल बीजेपी उद्धव सरकार को कठघरे में खड़ी कर रही है। बीजेपी कोरोना संकट के बहाने महाविकास अघाड़ी पर पूरी तरह आक्रमक हो चुकी है।