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महात्मा गांधी के तीन बंदर किससे बने थे, आज कहां रखें हैं, यहां पढ़ें पूरी जानकारी

केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय ने दी जानकारी, चीनी मिट्टी के बने थे गांधीजी के तीन बंदर

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सतना

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Suresh Mishra

Mar 14, 2018

full story of Gandhi's 3 Monkeys and history of Bapu's 3 wise monkeys

full story of Gandhi's 3 Monkeys and history of Bapu's 3 wise monkeys

सतना। क्या आप जानते हैं कि 'बुरा मत कहो, बुरा मत देखो, बुरा मत सुनो' का संदेश देने वाले गांधी जी के तीन बंदर चीनी मिट्टी के बने थे। गांधीजी की मृत्यु के बाद तीनों बंदरों को उनकी याद स्वरूप नई दिल्ली के राजघाट स्थित राष्ट्रीय गांधी संग्रहालय में रखवा दिया गया था। इन तीनों बंदरों को आज भी राष्ट्रीय संग्रहालय में देखा जा सकता है। इसका खुलासा गांधी स्मृति एवं दर्शन समिति भारत सरकार संस्कृति मंत्रालय द्वारा एक आरटीआई के जवाब में किया गया है।

सतना के अधिवक्ता व आरटीआई कार्यकर्ता रजीव कुमार खरे ने 14 अगस्त 2017 को केंद्रीय लोक सूचना अधिकारी प्रधानमंत्री कार्यालय से सूचना के अधिकार के तहत यह जानकारी मांगी थी कि गांधी जी अपने साथ तीन बंदरों की छोटी आकृति रखते थे। वह किस पदार्थ के बने थे, उन्हें कहां रखा गया है।

जानकारी देने में लगे छह माह
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के सबसे प्रिय तीन बंदर किस पदार्थ के बने थे, उन्हें वर्तमान में कहां रखा गया है, इस जानकारी को जुटाने में गांधी स्मृति एवं दर्शन समिति भारत सरकार के अधिकारियों को छह माह लग गए। अधिवक्ता राजीव खरे ने बताया, उन्होंने जानकारी को प्राप्त करने की आरटीआई केंद्रीय लोक सूचना अधिकारी प्रधानमंत्री कार्यालय में लगाई थी।

संस्कृति मंत्रालय नई दिल्ली को आवेदन

लेकिन सूचना देने की बजाय लोक सूचना अधिकारी उनका आवेदन यह कहते हुए लौटा दिया कि उनके मंत्रालय के पास इस प्रकार की कोई जानकारी नहीं है। लोक सूचना अधिकारी के जबाव के खिलाफ उन्होंने प्रथम अपीलीय प्राधिकारी संस्कृति मंत्रालय नई दिल्ली को आवेदन दिया। मंत्रालय द्वारा चार माह के इंतजार के बाद 7 फरवरी को उक्त जानकारी उपलब्ध कराई गई।

चीनी गिफ्ट की थीं मूर्तियां
बताया जाता है कि नागपुर स्थित सेवाग्राम में तीन बंदरों की ये मूर्तियां महात्मा गांधी को एक चीनी प्रतिनिधि मंडल ने भेंट की थी। प्रतिनिधि मंडल ने तब बापू से कहा था कि इनकी मूर्तियों का मूल्य कीमती खिलौनों की तुलना में भले ही कुछ न हो लेकिन इनका संदेश बेशकीमती है। चीन में इन संदेशों की बड़ी मान्यता और लोकप्रियता है।

मोदी ने भेंट किया ऐसा ही उपहार
हाल ही में भारत दौरे पर आए जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे को साबरमती आश्रम में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी संगमरमर से बनी बापू के ३ बंदरों की ऐसी ही प्रतिमाएं उपहार में भेंट की थी।