
Arun Gawli
बॉम्बे हाईकोर्ट ने गैंगस्टर से नेता बने अरुण गवली को 28दिन की फर्लो पर रिहा करने के आदेश दिए हैं। इससे पहले गवली की पैरोल याचिका बहुत बार खारिज कर दी गई थी। शिवसेना पार्षद की हत्या के आरोप में गैंगस्टर अरुण गवली को 2102 में नागपुर के जेल में आजीवन कारावास की सजा दी थी।
जस्टिस बीपी धर्माधिकारी और जस्टिस वीएम देशपांडे की बैंच ने यह आदेश गवली की दो याचिकाओं पर सुनवाई के बाद दिए हैं। गवली ने डीआईजी जेल को फर्लो की अर्जी दी थी जो कि एक फरवरी को खारिज कर दी गई थी। गवली ने इसी के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी।
कोर्ट ने पुलिस की गवली के संबंध में जनवरी में दी गई पुलिस रिपोर्ट को मानने से इनकार कर दिया और कहा कि रिपोर्ट में बेहद सामान्य है और इसमें गवली के जनवरी में फर्लो पर रिहा होने के दौरान की गई किसी अवांछित गतिविधि का हवाला नहीं है।
Published on:
27 Apr 2017 05:18 pm
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