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हरिद्वार में हेट स्पीच: धर्म संसद में मुसलमानों के खिलाफ अभद्र बयानबाजी पर अब जागी उत्तराखंड पुलिस, वसीम रिजवी व अन्य के खिलाफ मामला दर्ज

उत्तराखंड में धर्म संसद के दौरान दिए गए भड़काऊ और आपत्तिजनक भाषण देने वालों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। उत्तराखंड पुलिस (Uttrakhand Police) ने लिखा, "सोशल मीडिया पर धर्म विशेष के खिलाफ भड़काऊ भाषण देकर नफरत फैलाने संबंधी वायरल हो रहे वीडियो का संज्ञान लेते हुए वसीम रिजवी उर्फ जितेंद्र नारायण त्यागी एवं अन्य के विरुद्ध मुकदमा पंजीकृत किया गया है।"
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Mahima Pandey

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Updated: 24 Dec 2021, 1:35 PM IST

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किसी भी धर्म से जुड़ा व्यक्ति यदि नफरत फैलाए या भड़काऊ भाषण दे तो उसके खिलाफ एक्शन लेना आवश्यक हो जाता है। ऐसा होना भी चाहिए चाहे वो किसी भी धर्म या समुदाय विशेष से ही क्यों न आता हो, परंतु कई मामलों में हमारी कानून व्यवस्था केवल मूक दर्शक बनी रहती है। उत्तराखंड पुलिस भी धर्म संसद के दौरान दिए गए भड़काऊ और आपत्तिजनक भाषण पर अब जागी है। धर्म संसद से जुड़ा वीडियो वायरल होने पर उत्तराखंड पुलिस एक्शन में आई और वसीम रिजवी समेत अन्य के खिलाफ एक्शन लिया है।


इस बात की जानकारी उत्तराखंड पुलिस ने अपने ट्विटर हैन्डल पर दी। इस ट्वीट में उत्तराखंड पुलिस ने लिखा, "सोशल मीडिया पर धर्म विशेष के खिलाफ भड़काऊ भाषण देकर नफरत फैलाने संबंधी वायरल हो रहे वीडियो का संज्ञान लेते हुए वसीम रिजवी उर्फ जितेंद्र नारायण त्यागी एवं अन्य के विरुद्ध कोतवाली हरिद्वार में धारा 153A IPC के अंतर्गत मुकदमा पंजीकृत किया गया है और विधिक कार्यवाही प्रचलित है।"

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क्या है पूरा मामला?

दरअसल, उत्तराखंड के हरिद्वार में तीन दिवसीय धर्म संसद आयोजित किया गया था। ये धर्म संसद सोमवार (20 दिसम्बर) को खत्म हुआ जिसमें अलग-अलग संतों और धर्मगुरुओं द्वारा धर्म के लिए शस्त्र उठाने, किसी भी मुस्लिम को देश का प्रधानमंत्री न बनने देने, मुस्लिमों की आबादी न बढ़ने देने जैसे भड़काऊ भाषण दिए गए थे।

ये धर्म संसद जूना अखाड़ा के महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरि ने आयोजित की थी। इसमें भाजपा नेता अश्विनी उपाध्याय, निरंजनी अखाड़े की महामंडलेश्वर मां अन्नपूर्णा, धर्मदास महाराज , वसीम रिजवी उर्फ जितेंद्र त्यागी, स्वामी प्रबोधानंद, समेत कई साधु-संत जुटे थे।

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हिंदू महासभा की जनरल सेक्रेटरी और निरंजनी अखाड़ा महामंडलेश्वर अन्नपूर्णा मां ने इस दौरान अपने एक भाषण में कहा, '2029 में आप लोग मुसलमान को प्रधानमंत्री नहीं बनने देंगे, इसका वचन दें। धर्म बचाना चाहते हो तो कॉपी-किताबों को रख दो और हाथ में शस्त्र उठा लो।"

ऐसे ही कई ऐसे भड़काऊ भाषण दिए गए जिसे आप सोशल मीडिया पर देख सकते हैं।इसको लेकर आम जनता और कई राजनीतिक दलों ने आपत्ति भी जताई। इसके साथ ही सख्त एक्शन लेने की मनाग की थी।