
किसानों को सशर्त बातचीत का प्रस्ताव स्वीकार नहीं।
नई दिल्ली। केंद्र सरकार द्वारा पारित कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली की सीमाओं पर पांच दिन से प्रदर्शन कर रहे किसान संगठनों द्वारा गृह मंत्री अमित शाह का प्रस्ताव ठुकराने के बाद भारतीय जनता पार्टी ने नई रणनीति पर काम शुरू कर दिया है। इस बात को लेकर बीती रात बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के आवास पर उच्च स्तरीय बैठक हुई। इस बैठक में गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर भी शामिल हुए। जानकारी के मुताबिक यह बैठक करीब दो घंटे तक चली। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने लोकप्रिय कार्यक्रम मन की बात में कहा था कि कृषि सुधारों ने किसानों को नए अधिकार और अवसर दिए हैं। बहुत कम समय में उनकी परेशानियों को कम करना शुरू कर दिया है।
सभी 5 प्रवेश मार्गों को बंद करने की धमकी दी
सिंधु बॉर्डर पर किसानों का धरना प्रदर्शन जारी है। दूसरी तरफ दिल्ली—उत्तर प्रदेश के गाजीपुर-गाजियाबाद बॉर्डर पर भी पूरी रात ठंड में सड़कों पर किसान लेटे रहे। बता दें कि रविवार को किसानों ने सशर्त बातचीत की मांग को खारिज कर दिया है। किसानों साफ कर दिया है कि अब केंद्र के प्रतिनिधियों के उनके बीच आकर ही बातचीत करनी होगी। साथ ही चेतावनी भी दी है कि वो दिल्ली में आने वाले सभी पांच प्रवेश मार्गो को बंद कर देंगे।
Updated on:
30 Nov 2020 07:50 am
Published on:
30 Nov 2020 07:37 am
