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राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश को JDU ने जारी किया व्हिप, दिल्ली अध्यादेश के मुद्दे पर होनी है वोटिंग

JDU issues whip: जदयू की तरफ से जारी व्हिप में राज्यसभा के उपसभापति और जदयू सांसद हरिवंश नारायण सिंह को भी शामिल किया गया हैं।

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दिल्ली में अधिकारियों के ट्रांसफर पोस्टिंग से जुड़ा बिल केंद्र सरकार आज राज्यसभा में पेश कर सकती है। बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में इस विधेयक को मंजूरी दे दी गई थी। आज पेश होने वाली बिल से पहले इंडिया गठबंधन की सारी पार्टियों ने व्हिप जारी किया है। जदयू ने भी मानसून सत्र के लिए पार्टी के राज्यसभा सांसदों विधेयक के खिलाफ मतदान करके पार्टी के रुख का समर्थन करने के लिए व्हिप जारी किया है। JDU ने जो व्हिप जारी किया है उसमें राज्यसभा के उपसभापति को भी शामिल किया गया है।

हरिवंश नारायण सिंह को मौजूद रहने के निर्देश

जदयू की तरफ से जारी व्हिप में राज्यसभा के उपसभापति और जदयू सांसद हरिवंश नारायण सिंह को भी शामिल किया गया है। इस बात की पुष्टि उनके कार्यालय ने भी की है। बता दें कि कई मौकों पर हरिवंश पार्टी की लाइन से अलग चलते दिखे, जिसके बाद उनके और पार्टी के बीच मनमुटाव की बाते सामने आई थी।

पिछले साल अगस्त में भाजपा से जदयू का गठबंधन टूटने के बाद भी वो अपने पद पर बने हुए है। दोनों दलों में से किसी ने भी उन्हें उनके पद से हटने के लिए दबाव नहीं बनाया।

मोदी के करीब नीतीश से दूर दिखे हरिवंश

बिहार की राजनीति पर नजर रखने वाले वरिष्ठ पत्रकार बताते है कि हाल के दिनों में हरिवंश नारायण सिंह प्रधानमंत्री मोदी और भाजपा के करीब वहीं, अपनी पार्टी के नेता और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से दूरी बनाते हुए दिखे। नए संसद भवन के उद्घाटन के विरोध में जेडीयू ने इससे किनारा किया, लेकिन हरिवंश ने इसमें सक्रिय भूमिका निभाई थी। जदयू के मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार ने तो इसके बाद हरिवंश पर अनुशासनिक कार्रवाई करने की बात कही थी।

सभापति या उपसभापति को नहीं किया जा सकता व्हिप

राज्यसभा के नियम के मुताबिक, किसी भी पार्टी का व्हिप तब-तक उस सदस्य पर लागू नहीं होता है जब तक वह सदन चलाने के लिए आसन पर बैठा होता है, ऐसे में अब हरिवंश को जेडीयू की और से जारी व्हिप से बचना है तो उन्हें सदन के आसन यानी चेयर पर बैठक कर सदन चलाना होगा।

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