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कर्नाटक: कुमारस्वामी ने कहा, अभी खतरा टला नहीं है, बीजेपी हमारी सरकार को अस्थिर करने में लगी है

कर्नाटक के मुख्यमंत्री कुमारस्वामी ने कहा कि अभी खतरा टला नहीं है।

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कर्नाटक: कुमारस्वामी ने कहा, अभी खतरा टला नहीं है, बीजेपी हमारी सरकार को अस्थिर करने में लगी है

नई दिल्ली। दिनों दिन चढ़ते पारे ने पूरे देश का हाल बेहाल कर रखा है, लेकिन कर्नाटक में गर्मी चढ़ते पारे से नहीं बल्की वहां रोज-रोज हो रहे सियासी ड्रामें की वजह से है। 10 दिनों के अंदर कर्नाटक विधानसभा में आज दूसरा फ्लोर टेस्ट है। कर्नाटक के मुख्यमंत्री एच डी कुमारस्वामी आज बहुमत परीक्षण का सामना करेंगे। इसी के साथ राज्य में कई दिनों से जारी राजनीतिक घमासान के अंत होने की संभावना भी लगाई जा रही है। वहीं, इस बीच कुमारस्वामी ने भाजपा पर उनकी सरकार को अस्थिर करने का आरोप लगाया है।

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खतरा टला नहीं है

मीडिया से बात करते हुए कुमारस्वामी ने कहा, 'कर्नाटक में अभी हमारी सरकार के लिए खतरा टला नहीं है। बीजेपी अभी भी हमे विश्वास मत में हराने की कोशिश कर रही है, लेकिन ऐसा होगा नहीं। स्वामी ने कहा कि मुझे समझ नहीं आ रहा कि वे ऐसा क्यों कर रहे हैं। बीजेपी वाले अनावश्यक रूप से हमारी सरकार को अस्थिर करने की कोशिश कर रहे हैं।'

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पूरे पांच साल चलेगी सरकार

उन्होंने आगे कहा कि मैं पूरे आत्मविश्वास के साथ यह कह सकता हूं कि हम पूरे पांच साल तक सरकार चलाएंगे। मुझे पता है कि कैसे एक स्थिर सरकार देनी है। बता दें कि शुक्रवार को कुमारस्वामी विश्वास प्रस्ताव पेश करेंगे लेकिन विश्वास प्रस्ताव से पहले प्रोटेम स्पीकर के.जी. बोपय्या स्पीकर का चुनाव कराएंगे।

स्पीकर के चुनाव पर भाग्य का फैसला

बीजेपी ने अपनी तरफ से पूर्व क़ानून मंत्री सुरेश कुमार को स्पीकर पद के लिए दावेदार बनाया है। वहीं, जेडीएस-कांग्रेस गठबंधन ने पूर्व स्पीकर और स्वास्थ्य मंत्री रमेश कुमार को स्पीकर पद का उम्मीदवार चुना है। विधानसभा में सबसे पहले बीजेपी उम्मीदवार सुरेश कुमार के स्पीकर चुनाव के प्रस्ताव को चुना जाएगा। अगर बीजेपी हारती है तो सदन रमेश कुमार को स्पीकर बनाने के प्रस्ताव को चुनेगा। स्पीकर के चुनाव के साथ ही जेडीए-कांग्रेस सरकार के भाग्य का फैसला होगा।

बहुमत साबित नहीं कर पाई थी बीजेपी

गौरलतब है कि 19 मई को बी.एस येदियुरप्पा विधानसभा में बहुमत साबित नहीं कर पाए थे, जिसके बाद उन्होंने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। उनकी पार्टी के पास केवल 104 विधायक थे। 224 सीट वाली कर्नाटक विधानसभा में बहुमत के लिए 113 सदस्यों का समर्थन होना जरूरी है। लेकिन विधानसभा की दो सीटों पर चुनाव नहीं हुए थे। अब इन दो सीटो पर चुनाव होना बाकी है। वहीं, जेडीएस-कांग्रेस गठबंधन ने अपने पास 118 सदस्यों के समर्थन का दावा किया है। इन 118 सदस्यों में 37 जेडीएस, 78 कांग्रेस और दो निर्दलीय सदस्य शामिल हैं।