
Supreme Court Pulls Senior Rajasthan Official-No Proper Dress in Court
नई दिल्ली। कर्नाटक चुनाव परिणाम आने के बाद से नाटकीय घटनाक्रम जारी है। सरकार गठन को लेकर कांग्रेस-जेडीएस के गठजोड़ और भारतीय जनता पार्टी के दावों के बीच बुधवार को जहां राज्यपाल वजुभाई वाला ने येदियुरप्पा को सरकार बनाने का न्योता दिया, कांग्रेस इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई। इसके बाद एक बार फिर से सुप्रीम कोर्ट ने आधी रात को सुनवाई शुरू की, लेकिन यह एक ऐतिहासिक घटना थी क्योंकि पहली बार किसी राजनीतिक मामले की सुनवाई के लिए आधी रात को सर्वोच्च न्यायालय ने सुुनवाई की।
हालांकि कांग्रेस का सुप्रीम कोर्ट जाना बेकार साबित हुआ और आधी रात से तड़के चार बजे तक चली ऐतिहासिक सुनवाई के बाद सर्वोच्च न्यायालय ने कर्नाटक में भाजपा सरकार के शपथ ग्रहण पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। वहीं, सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस और जेडीएस द्वारा दायर की गई याचिका पर आगे सुनवाई जारी करने के लिए भी कहा है। कोर्ट ने इस संबंध में दोनों दलों से जवाब मांगा है।
वहीं, बृहस्पतिवार की आधी रात को चली तकरीबन ढाई घंटे की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुना। इससे पहले राज्यपाल वजुभाई वाला द्वारा भाजपा विधायक दल के नेता बीएस येदियुरप्पा को राज्य के 24वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने का न्योता देने के खिलाफ कांग्रेस ने आधी रात सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। कांग्रेस की ओर से पूर्व में हुए फैसलों का ब्यौरा देते हुए कोर्ट से इस मामले में हस्तक्षेप के लिए कहा गया।
इसके चलते देर रात सुप्रीम कोर्ट के असिस्टेंट रजिस्ट्रार याचिका लेकर चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा के आवास पहुंचे। मिश्रा ने तकरीबन एक घंटे बाद देर रात ही इस मामले में सुनवाई का फैसला लिया और उन्होंने जस्टिस एके सीकरी के नेतृत्व में जस्टिस अशोक भूषण और जस्टिस एसए बोबडे की बेंच गठित की। इस बेंच ने बृहस्पतिवार की रात 1:45 बजे याचिका पर सुनवाई शुरू की।
प्रमुख घटनाक्रम
सुप्रीम कोर्ट में क्या हुआ
आखिर रात में ही सुप्रीम कोर्ट क्यों पहुंची कांग्रेस
दरअसल बृहस्पतिवार सुबह नौ बजे बीएस येदियुरप्पा का शपथ ग्रहण होना है। कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन को लगा कि अगर बृहस्पतिवार को अर्जी दी गई तो फायदा नहीं होगा, क्योंकि तब तक शपथ हो चुकी होगी। सुप्रीम कोर्ट में कांग्रेस की ओर से वकील अभिषेक मनु सिंघवी पहुंचे तो केंद्र की ओर से अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल, एएसजी तुषार मेहता, मनिंदर सिंह। पूर्व एजी मुकुल रोहतगी भाजपा विधायकों की ओर से मामले की पैरवी के लिए पहुंचे।
Published on:
17 May 2018 06:42 am
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