Karnataka Crisis: मल्लिकार्जुन खड़गे बोले- फूट डालकर सरकार गिराना चाहती है भाजपा

  • Karnataka Crisis से कांग्रेस-जेडीएस सरकार पर मंडराया खतरा
  • मल्लिकार्जुन ने भाजपा पर लगाया फूट डालने का आरोप
  • 5 से 6 विधायकों से लगातार संपर्क में सिद्धारमैया

By: Dhirendra

Updated: 07 Jul 2019, 03:28 PM IST

नई दिल्‍ली। कर्नाटक में एक दर्जन से अधिक विधायकों के इस्‍तीफे के बाद से एक बार फिर कांग्रेस-जेडीएस सरकार संकट में है। इस बीच कांग्रेस के वरिष्‍ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने मीडिया की ओर से यह पूछे जाने पर कि इस बात की चर्चा है कि आपको प्रदेश का मुख्‍यमंत्री बनाया जा सकता है, उन्‍होंने कहा कि इस बारे में मुझे नहीं पता। मैं चाहता हूं कि कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन की सरकार जारी रहे।

 

मल्लिकार्जुन खड़गे ने नाम लिए बगैर कहा कि भाजपा की ओर से मीडिया में भ्रामक सूचनाएं कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन के बीच फूट डालने के लिए फैलाई जा रही है।

कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि रामलिंगा रेड्डी पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं। वह लंबे समय से बेंगलुरु में कांग्रेस का किला संभाले हुए हैं। उनकी शिकायतों पर पार्टी विचार करेगी और उसे दूर करने की कोशिश करेगी।

 

5 से 6 विधायकों के संपर्क में है सिद्धारमैया

दूसरी तरफ कर्नाटक के पूर्व मुख्‍यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा कि मैं 5 से 6 विधायकों के संपर्क में हूं। इन विधायकों से मेरी क्‍या बातचीत हो रही है इसके बारे में बताया नहीं जा सकता। ऐसा इसलिए कि पार्टी के प्रति हर कोई निष्‍ठावान है। यह मसला किसी के मेरे प्रति निष्‍ठा का सवाल न होकर पार्टी के प्रति वफादार होने की बात है।

 

इंतजार करें

कर्नाटक में जारी सियासी संकट को लेकर पूर्व सीएम और भाजपा नेता बीएस येदियुरप्पा ने कहा है कि अभी आपको इंतजार करना होगा। मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि आप राजनीतिक घटनाक्रम के बारे में जानते हैं। मैं अभी तुमकुर जा रहा हूं और शाम को 4 बजे लौटूंगा। देखिए और इंतजार करिए। मैं कुमारस्वामी और सिद्धारमैया के बयानों के बारे में कुछ नहीं कहना चाहता।

 

भाजपा के सत्‍ता में आने के आसान बढ़े

बता दें कि कर्नाटक में 13 महीने पुरानी कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन सरकार 14 विधायकों के इस्तीफे से संकट में आ गई है। शनिवार को कांग्रेस के 10 और जेडीएस के 3 विधायकों ने विधासनभा स्पीकर के दफ्तर में अपने इस्तीफे सौंप दिए। 118 विधायकों के साथ चल रही सरकार के पक्ष में अब 105 ही विधायक है।

दूसरी तरफ मुख्य विपक्षी दल भाजपा भी 105 सीटों पर ही काबिज है। वर्तमान सियासी उठापटक के बीच एक बार फि भाजपा के सत्‍ता में आने के आसार बढ़ गए हैं।

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