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कर्नाटक चुनाव क्यों हारे BJP कर रही है मंथन, बजट सत्र में सिद्दारमैया सरकार को घेरने की भी बना रही रणनीति

BJP Brainstorm कर्नाटक विधानसभा चुनाव में कैसे और क्यों हारे इस बारे में आत्मनिरीक्षण करने के लिए भाजपा गुरुवार को एक के बाद एक कई बैठकें कर रही है। बताया जा रहा है कि 7 जुलाई को कर्नाटक मुख्यमंत्री सिद्दारमैया बजट पेश करेंगे। बजट सत्र में कांग्रेस सरकार को कैसे घेरा जाए इस पर भी मंथन चल रहा है।

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कर्नाटक चुनाव क्यों हारे BJP कर रही है मंथन

कर्नाटक विधानसभा चुनाव में हार की वजह से प्रदेश भाजपा समेत केद्रीय नेतृत्व मायूस है। हार कैसे हुए और क्यों इन कारणों की तलाश में गुरुवार को भाजपा बैठक दर बैठक कर रही है। सूत्रों के अनुसार, बैठक में विधानसभा और विधान परिषद में विपक्ष के नेता पद के लिए उम्मीदवारों के चयन पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा। विधायकों की बैठक में आगामी बजट सत्र में कांग्रेस सरकार को घेरने की रणनीति बनाई जा रही है। कर्नाटक मुख्यमंत्री सिद्दारमैया 7 जुलाई को बजट पेश करने वाले हैं। बताया जा रहा है कि गुरुवार शाम को कोर कमेटी की बैठक होगी, जिसमें सुबह हुई बैठक से प्राप्त जानकारी पर चर्चा की जाएगी।



हारे हुए प्रत्याशियों की भी आयोजित होगी बैठक

5 गारंटी योजनाओं के कार्यान्वयन से उत्साहित कांग्रेस को काउंटर करने के लिए भगवा पार्टी अपनी रणनीति पर विचार कर रही है। पार्टी हारे हुए प्रत्याशियों की भी बैठक आयोजित करेगी। कई मौजूदा मंत्री चुनाव हार गए। इस लिहाज से बैठक बेहद अहम हो गई है क्योंकि हार का सामना करने वाले वरिष्ठ नेताओं के खुलकर बात करने की संभावना है कि वे कहां गलत हुए और कैसे चुनाव में पार्टी की रणनीति विफल रही।

कोर कमेटी की बैठक में शामिल होंगे दिग्गज नेता

शाम को कोर कमेटी की बैठक होगी, जिसमें सुबह हुई बैठक से प्राप्त जानकारी पर चर्चा की जाएगी। कर्नाटक प्रभारी अरुण सिंह, पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष नलिन कुमार कतील, पूर्व सीएम एम.एस. बसवराज बोम्मई, बी.एस. येदियुरप्पा, राष्ट्रीय महासचिव सी.टी. रवि बैठक में हिस्सा लेंगे।

लिंगायत या वोक्कालिगा नेता को बनाएगी प्रदेशाध्यक्ष या विपक्ष का नेता

पार्टी सूत्रों ने बताया कि आलाकमान लिंगायत या वोक्कालिगा नेता को राज्य अध्यक्ष या विधानसभा में विपक्ष के नेता के पद पर नियुक्त करने पर विचार कर रहा है। सूत्रों ने कहा कि पिछड़े वर्ग के एक नेता विधान परिषद में विपक्ष के नेता के रूप में कार्यभार संभालेंगे।

वैसे तो अभी तक भाजपा की हार की ये वजह चर्चा में थी

1. कर्नाटक में मजबूत चेहरा न होना
2. सत्ता विरोधी लहर
3. सियासी समीकरण नहीं साध सकी भाजपा
4. ध्रुवीकरण का दांव नहीं आया काम
5. दिग्गज नेताओं को साइड लाइन करना
6. भ्रष्टाचार।

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