
नई दिल्ली। देश की नजर इन दिनों कर्नाटक पर टिकी हुई है। विधानसभा चुनाव परिणान आने के बाद यहां सियासी भूचाल आया हुआ है। सबके मन में एक ही सवाल है कि कर्नाटक में किसकी सरकार बनेगी और कौन मुख्यमंत्री बनेगा। कभी मामला भाजपा के पाले में जाता दिखाई देता है, तो कभी जेडीएस और कांग्रेस के पक्ष में। हालांकि, यहां पूर्ण बहुमत किसी के पास नहीं है लेकिन जोड़-तोड़ की राजनीति ने एक नई हवा दे दी है। भाजपा का कहना है कि उसके पास पूर्ण बहुमत है, इसलिए वो सरकार बनाएगी। वहीं, जेडीएस को कांग्रेस का समर्थन प्राप्त है इसलिए वो भी सरकार बनाने का दावा कर रहे हैं। लेकिन, कांग्रेस जेडीएस का गठबंधन हुआ कैसे और गठबंधन कराने में किसने अहम भूमिका निभाई इसके बारे में शायद आपको पता न हो।
सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी ने दिया यह सुझाव
एक अखबार के मुताबिक, कांग्रेस-जेडीएस का गठबंधन कराने में जिन दो लोगों ने अहम भूमिका निभाई वो दो महिलाएं हैं। वे महिलाएं आम नहीं, बल्कि बेहद ही खास हैं। अखबार के मुताबिक, गठबंधन कराने में सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी ने अहम भूमिका निभाई है। बताया जा रहा है कि जैसे ही चुनाव परिणाम के रूझान साफ हुए, सोनिया गांधी के आधिकारिक आवास 10 जनपथ पर एक मीटिंग हुई। इस मीटिंग में राहुल गांधी और प्रियंका गांधी भी शामिल हुईं। बैठक में सबसे पहले प्रियंका गांधी ने राहुल गांधी को सुझाव दिया कि वे कुमारस्वामी को मुख्यमंत्री पद ऑफर करें। हालांकि, बैठक में मौजूद नेताओं के मन में शक था कि राहुल गांधी अगर गठबंधन के लिए फोन करेंगे तो एचडी देवगौड़ा किस तरह का जवाब देंगे। इसलिए, सोनिया गांधी ने सबसे पहले गुलाम नबी आजाद से बात की, जिन्होंने देवगौड़ा और कुमारस्वामी को अपने संवाद सूत्र भेजे। गुलाम नबी आजाद की तरफ से सकारात्मक संदेश मिलने के बाद सोनिया गांधी ने खुद देवगौड़ा और कुमारस्वामी से बात की और गठबंधन फाइनल हो गया।
सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी की वजह से कांग्रेस और जेडीएस के बीच समीकरण बैठ गया। इसके बाद किसी पार्टी के कितने मंत्री होंगे यह भी फाइनल किया गया। अब कयास लगाया जा रहा है कि सोनिया गांधी एक बार फिर राजनीति में एक्टिव होंगी। क्योंकि, राहुल गांधी का कद अभी उस लेवल का नहीं हुआ कि वो जोड़-तोड़ का समीकरण सही से बैठा सकें।
Updated on:
16 May 2018 04:10 pm
Published on:
16 May 2018 09:20 pm
बड़ी खबरें
View Allराजनीति
ट्रेंडिंग
